रसोई गैस कनेक्शन की संख्या में 22 प्रतिशत की बढोत्तरी

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार ने रसोई गैस कनेक्शनों की संख्या में 22 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का दावा किया है.सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के सफल क्रियान्वयन के कारण यह स्थिति बनी है.

रायपुर में मुख्य सचिव विवेक ढांढ की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में यह आंकड़े सामने आये हैं. राज्य स्तरीय सशक्त समिति की बैठक में खाद्य विभाग की सचिव ऋचा शर्मा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत पिछले दस माह में 12 लाख 32 हजार नये एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं. अब राज्य में गैस कनेक्शनों की संख्या 22 लाख से बढ़कर 34 लाख 32 हजार हो गई है. अप्रैल 2016 में 39 प्रतिशत थी जो बढ़कर मई 2017 तक 61 प्रतिशत हो गई है.


उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरूआत राज्य में 13 अगस्त 2016 से हुई है. पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में 10 लाख 54 हजार 369 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किया गया. श्रीमती शर्मा ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 में 15 लाख गैस कनेक्शन वितरण का लक्ष्य रखा गया है. नये वित्तीय वर्ष के बीते ढाई माह में ही दो लाख 84 हजार महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन दिया गया.

बैठक में मुख्य सचिव ने रसोई गैस की बॉटलिंग क्षमता और राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में रसोई गैस कनेक्शन वितरण की समीक्षा की. उन्होंने दुर्गम क्षेत्रों में शीघ्र रसोई गैस वितरक नियुक्त करने के निर्देश दिए. बैठक में उपस्थित विभिन्न ऑयल कम्पनियों के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में एलपीजी रिफिल एवं बॉटलिंग क्षमता का विस्तार किया जा रहा है. वर्तमान में चार बॉटलिंग प्लांट, सिलतरा में दो, मंदिर हसौद एवं रसमड़ा में मासिक बॉटलिंग क्षमता 13 लाख सिलेण्डर है. वर्ष 2018-19 तक प्रदेश में एलपीजी बॉटलिंग क्षमता का विस्तार 22 लाख सिलेण्डर प्रति माह करने का लक्ष्य है.

अधिकारियों ने बताया कि रायपुर जिले के तिल्दा और जांजगीर-चांपा जिले के बाराद्वार में बॉटलिंग प्लांट निर्माण की कार्रवाई चल रही है. बैठक में पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री जे.पी. पाठक ने बताया कि दुर्गम क्षेत्रों में 46 गैस वितरक गोदामों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है.

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