पुरातत्वविद अरुण शर्मा को पद्मश्री

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के पुरातत्वविद अरुण शर्मा को पद्मश्री पुरस्कार मिलने की घोषणा केन्द्र सरकार ने की है. उन्हें तीन माह बाद राष्ट्रपति यह पुरस्कार सौंपेंगे. पद्मश्री सम्मान विशिष्ट कार्य के लिए दिया जाता है. यह सम्मान ऐसे लोगों दिया जाता है, जो किसी खास काम को करते हुए सेवा या फिर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो.

गौरतलब है कि डॉ. अरुण शर्मा ने सिरपुर तथा राजिम में काफी काम किया है. उन्होंने सिरपुर में मिले प्रचीन मूर्तियों तथा मुखौटों के आधार पर कहा था कि हजारों साल पहले यहा एलियन आते रहे हैं. सिरपुर में मिले कई मूर्तियों में पश्चिमी देशों में मिले मूर्तियों से समानता के आधार पर उन्होंने यह बात की थी.


उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में पुरावैभव का भंडार है और इस बात की जरूरत है कि इस विषय पर और अधिक खोज की जाये और खासकर छत्तीसगढ़ के दो-तीन ऐतिहासिक पुरास्थलों में खुदाई की जाये, ताकि छत्तीसगढ़ का पुरावैभव प्रकाश में आ सके.

छत्तीसगढ़ की स्थापना के बाद डॉ. अरुण शर्मा 14वें ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले एटी दाबके (2004), पुनाराम निषाद (2005), मेहरून्न्सिा परवेज (2005), डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय (2007), जॉन मार्टिन नेल्सन (2008), गोविन्द राम निर्मलकर (2009), सत्यदेव दुबे (2011), डॉ. पुखराज बाफना (2011), शमशाद बेगम (2012), फुलबासन बाई यादव (2012), भारती बन्धु (2013), अनुज शर्मा (2014), सबा अंजुम (2015) को यह पुरस्कार मिल चुका है.

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