40 साल बाद मिली प्रेम-विवाह की सजा

बिलासपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के एक गांव में प्रेम-विवाह की सजा 40 साल बाद मिली. कटघोरा के सिंघाली अरदा गांव में प्रेम-विवाह करने वाली श्यामाबाई बघेल को मरने के बाद घर के आंगन में ही दफनाना पड़ा क्योंकि समाज ने 40 साल पहले से उसका बहिष्कार कर रखा था. समाज द्वारा बहिष्कार करने के कारण उसके अंतिम संस्कार में कोई नहीं आया तब हारकर परिजनों को श्यामाबाई के शव को घर के आंगन में ही दफनाना पड़ा.

मिली जानकारी के अनुसार भगत दास बघेल की पत्नी श्यामाबाई का 23 अगस्त को निधन हो गया. गांव में समाज का इतना खौफ है कि कोई भी उनके अंतिम संस्कार में नहीं आया. भगत दास ने भी स्वीकार किया है कि उसे अपनी को घर के आंगन में ही दफनाना पड़ा है.


वहीं पुलिस ने यह कहते हुये अपना पल्ला झाड़ लिया है कि ऐसी कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली है. शिकायत मिलने पर कार्यवाही की जायेगी.

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