छत्तीसगढ़ में 8 काले हिरणों की मौत

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के नंदनवन चिड़ियाघर में आठ काले हिरणों की मौत हो गई है. इन हिरणों के शवों के पोस्टमार्टम से पुष्टि हुई है कि इनकी मौत न तो बैक्टेरिया से हुई है और न ही वाइरस से हुई है. जिससे नंदनवन तथा वन विभाग के आला अफसर निरुत्तर हैं. पिछले पन्द्रह दिनों में एक-एक करके आठ दुर्लभ प्रजाति के आठ काले हिरणों की मौत के बाद भी वन विभाग उनके मौत का कारण बतताने में असमर्थ है.

मृत काले हिरणों के शवों का पोस्टमार्टम कामधेनु विश्वविद्यालय, अंजोरा के पशु चिकित्सकों ने किया. हिरणों की मौत के कारण की जांच करने के लिये भारतीय पशु चिकित्सा तथा अनुसंधान संस्थान के बरेली तथा देहरादून से विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाया गया है.


मौके की नज़ाकत को देखते हुये काले हिरणों की मौत की खबर मुख्य अभिरक्षक वन्यप्राणी बीएन द्विवेदी ने केन्द्रीय चिड़ियाघर दिल्ली को दे दी है. मुख्य अभिरक्षक वन्यप्राणी बीएन द्विवेदी का कहना है कि काले हिरणों की मौत किस कारण से हो रही है वह पता नहीं चल रहा है.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 16 किलोमीटर दूर खारुन नदी के किनारे नंदनवन स्थित है. जहां चार साल पहले दिल्ली के चिड़ियाघर से 10 काले हिरणों का जोड़ा लाया गया था. आठ हिरणों के मौत के बाद भी नंदनवन में करीब 40 काले हिरण हैं. जिन्हें आठ हिरणों की मौत के बाद दो अलग-अलग समूहों में रखा गया है.

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