RBI के नियमों से हलाकान वधू का पिता

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का एक शख्स अपनी बिटिया के शादी के लिये जीपीएफ से लिये लोन को एक साथ नहीं निकाल सकता है. इसके लिये वह पीएमओ को चिट्ठी लिखने की तैयारी कर रहा है. दरअसल, नोटबंदी के बाद लगी बंदिशों का असर इतना व्यापक है कि उसके बारें में पहले किसी ने सोचा तक नहीं था. अब रिजर्व बैंक द्वारा सप्ताह में 24 हजार रुपये से ज्यादा रकम निकालने पर लगाई गई बंदिश के कारण रायपुर के सरकारी कर्मचारी रूपकुमार पांडेय संकट में पड़ गये हैं.

राज्य सरकार के भौमिकी तथा खनिकर्म संचनालय में कार्यरत रूपकुमार पांडेल की बिटिया की शादी 16 फरवरी को तय हुई है. उन्होंने इस शादी के लिये अपने जीपीएफ से 2 लाख 33 हजार रुपये मांगे हैं. जिसकी अनुमति उन्हें 31 दिसंबर 2016 को मिल गई है. यह राशि हफ्तेभर में उनके रायपुर के तेलीबांधा के बैंक ऑफ इंडिया के खाते में आ जायेगी.


इस बीच उन्होंने बैंक मैनेजर से मिलकर अपने पूरे पैसे एक साथ निकालने के बारें में पूछताछ की. बैंक मैनेजर ने उन्हें बताया कि हर हफ्ते केवल 24 जहार रुपये अधिकतम ही निकाले जा सकते हैं. यदि ऐसा होता है तो रूपकुमार पांडेय के पास केवल 5 हफ्ते ही हैं जिसमें केवल 1 लाख 20 हजार रुपये ही निकाले जा सकते हैं. जबकि उन्होंने 2 लाख 33 हजार रुपये निकालने के लिये आवेदन किया है.

बैंक मैनेजर से बात करने के बाद रूपकुमार पांडेय बैंक अकाउंट में पैसे आ जाने का इंतजार कर रहे हैं. उसके बाद वे प्रधानमंत्री मोदी के इस बारें में पत्र लिखने की तैयारी कर रहें हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!