छत्तीसगढ़: 1 रुपये 18 पैसे में कुपोषण दूर

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के करीब 15 फीसदी बच्चे कुपोषित हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में कुल 4 लाख 48 हजार 8 सौ 38 बच्चे कुपोषित तथा 86 हजार 5 सौ 19 बच्चे अति कुपोषित हैं. इस तरह से छत्तीसगढ़ में कुल 5 लाख 35 हजार 3 सौ 57 बच्चे कुपोषित हैं. जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 6 साल तक के 36 लाख 61 हजार 6 सौ 89 बच्चे थे. इस आधार पर छत्तीसगढ़ के करीब 15 फीसदी बच्चे कुपोषण का शिकार हैं.

छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा कुपोषित बच्चे राजनांदगांव में 33481 हैं. उसके बाद बिलासपुर में 29955, बलौदाबाजार-भाटापारा में 29260, रायपुर में 25755, रायगढ़ में 22195, कोरबा में 21608 तथा बस्तर में 21847 है.


अति कुपोषित बच्चे सबसे ज्यादा जशपुर में 6340, सूरजपुर में 5640, जांजगीर-चांपा में 5591, राजनांदगांव में 5183 हैं.

गौरतलब है कि बिलासपुर जिले में साल 2015-16 में नवाजतन योजना के अंतर्गत 42,77,996 रुपये दिये गये. इस अवधि में कुल 9889 लक्षित कुपोषित बच्चों में से 5050 बच्चे कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाया गया.

साल 2015-16 में 9889 कुपोषित बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने के लिये नवाजतन योजना के तहत बिलासपुर जिले को 42,77,996 रुपये दिये गये.

जिसका अर्थ होता है कि प्रत्येक लक्षित बच्चे के लिये एक साल में 432.60 रुपये का आवंटन किया गया. अर्थात् प्रति बच्चे को प्रतिदिन कुपोषण से बाहर लाने के लिये 1 रुपये 18 पैसे खर्च किये गये हैं.

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