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छत्तीसगढ़ में अग्निवीरों को मिलेगा आरक्षण

रायपुर। संवाददाताः छत्तीसगढ़ सरकार अग्निवीर जवानों को सेवा समाप्ति के पश्चात सरकारी भर्तियों में आरक्षण का लाभ देगी.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर इसकी घोषणा की है.

मुख्यमंत्री ने अपनी घोषणा में कहा कि ‘छत्तीसगढ़ राज्य के अग्निवीर जब भारतीय सेना में अपनी सेवा के पश्चात वापस आएंगे तो छत्तीसगढ़ सरकार इन नौजवानों को पुलिस सेवा में आरक्षक, वन सेवा में वन रक्षक और जेल प्रहरी इत्यादि पदों में प्राथमिकता के आधार पर समायोजन की सुविधा देगी.

अग्निवीरों को इसके लिए एक निश्चित आरक्षण की सुविधा हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश हमारी सरकार शीघ्र ही जारी करने जा रही है.’

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के 870 युवा वर्तमान में अग्निवीर जवान के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन जवानों का सेवाकाल 4 वर्ष का होता है.

अभी देश में अग्निवीर जवानों की पहली खेप की भर्ती हुई है. यह भर्ती लगातार जारी रहेगी और जवान अपने चार साल का सेवाकाल पूर्ण कर सेवानिवृत्त होते रहेंगे.

छत्तीसगढ़ में अब इन सेवानिवृत्त जवानों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ सरकार देने जा रही है.

अन्य राज्यों में भी इस तरह के निर्णय

कुछ इसी तरीके का निर्णय मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी लिए गए हैं.

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अग्निवीर जब अपनी सेवा के बाद वापस आएंगे, उत्तर प्रदेश सरकार पुलिस सेवा में, पीएसी में इन नौजवानों को प्राथमिकता के आधार पर समायोजन की सुविधा दी जाएगी.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी कहा है कि मध्यप्रदेश की विविध प्रकार की पुलिस और सशस्त्र बलों की भर्ती में अग्निवीर जवानों को आरक्षण का लाभ दिया जाएगा.

केंद्र सरकार ने 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया

केंद्र सरकार ने सेना में काम कर चुके सेवानिवृत्त अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में 10 फ़ीसदी आरक्षण देने का फ़ैसला किया है.

इसके अलावा उन्हें आयु सीमा में भी 5 और 3 साल की छूट दी जाएगी.

गृह मंत्रालय ने 2022 में ही घोषणा की थी कि अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में 10 फ़ीसदी नौकरियां आरक्षित रहेंगी.

सीआईएसएफ और बीएसएफ की भर्तियों में भी इसकी घोषणा कर दी गई है.

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ की डीजी ने कहा कि गृह मंत्रालय भारत सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के केंद्रीय सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए एक अहम फ़ैसला किया है.

वहीं सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के महानिदेशक ने कहा कि बीएसएफ पूर्व अग्निवीरों को चार साल के अनुभव के बाद अपने लिए उपयुक्त मानती है.

बीएसएफ़ के महानिदेशक ने कहा कि पूर्व अग्निवीरों ने चार साल तक कड़े अनुशासन में नौकरी की है, इसलिए ये बीएसएफ़ के अनुरूप हैं.

उन्होंने कहा कि एक तरह से हमें तैयार सैनिक मिल रहे हैं. जिस वजह से हम इनको कम समय की ट्रेनिंग देने के बाद सीमा पर तैनात करेंगे. सभी बलों को पूर्व अग्निवीरों से फ़ायदा पहुंचेगा.

बीएसएफ़ के महानिदेशक ने कहा कि जितनी भी हमारी वैकेंसी होगी उसमें पूर्व अग्निवीरों को 10 फ़ीसदी का आरक्षण मिलेगा. अग्निवीरों के पहले बैच को आयु सीमा में 5 साल की छूट मिलेगी, वहीं इसके बाद के सभी बैचों को 3 साल की छूट दी जाएगी.

वहीं सीआईएसएफ की महानिदेशक ने कहा कि इस फ़ैसले के तहत सीआईएसएफ में कॉन्सटेबल के पदों पर 10 फ़ीसदी भर्तियां पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेंगी.

इसके अलावा पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल टेस्ट में भी छूट का प्रावधान रहेगा.

यहां भी पहली बैच को पांच साल की और बाद के बैच को तीन साल की छूट मिलेगी.

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