भूपेश बघेल के सलाहकारों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सभी चार सलाहकारों को राज्य सरकार ने कैबिनेट मंत्री का दर्ज़ा प्रदान किया है. इन सलाहकारों की नियुक्ति दिसंबर 2018 में की गई थी.

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रुचिर गर्ग, राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, कृषि सलाहकार प्रदीप शर्मा और संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी को सरकार ने विशेष सचिव का दर्जा दिया गया था. विशेष सचिव का दर्जा होने के कारण राज्य सरकार के कई नौकरशाहों के लिये उनके निर्देशों का पालन करना या उनके पत्रों का जवाब दिये जाने की अनिवार्यता नहीं थी.

अब इन सभी सलाहकारों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिये जाने के बाद इस स्थिति में बदलाव हो जायेगा. इसके अलावा मंत्रीमंडल की बैठकों में भी सभी चारों सलाहकार शामिल हो सकेंगे.

गौरतलब है कि रुचिर गर्ग देश के जाने-माने पत्रकारों में शुमार रहे हैं. देशबंधु, नई दुनिया, नवभारत जैसे अख़बारों के संपादन के अलावा राष्ट्रीय सहारा से छत्तीसगढ़ में टीवी न्यूज चैनलों की शुरुआत का श्रेय भी उन्हें जाता है. 90 के दशक में माओवादियों के साथ रहकर उनकी रिपोर्टिंग देश भर में चर्चित हुई थी.

प्रदीप शर्मा
प्रदीप शर्मा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के सलाहकार

देशबन्धु से अपनी पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले विनोद वर्मा लंबे समय तक बीबीसी में प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत रहे हैं. उनकी किताब गढ़ 36 उन शुरुआती किताबों में शामिल है, जो राज्य बनने के कुछ दिनों के भीतर प्रकाशित हुई थीं. इसके अलावा डिजिटल मीडिया में भी उनका दखल रहा है. उन्होंने अमर उजाला अखबार के वेब प्रमुख के बतौर अपनी विशिष्ठ पहचान बनाई.

देश के विभिन्न आंदोलनों से जुड़े रहे प्रदीप शर्मा मूल रुप से पेट्रो केमिकल और माइनिंग इंजीनियर रहे हैं. उन्होंने छत्तीसगढ़ में कई स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ काम किया है और कृषि के क्षेत्र में कई प्रयोग किये हैं.

राजेश तिवारी बस्तर में कांग्रेस पार्टी की राजनीति में सक्रिय रहे हैं. कांकेर के राजेश तिवारी की पहचान एक कुशल संगठनकर्ता की रही है. वे कांग्रेस पार्टी में विभिन्न पदों पर रहे हैं और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के अलग-अलग खेमों के दौर में भी उनकी पहचान एक कांग्रेस कार्यकर्ता के तौर पर रही है.

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