तकनीक

अग्नि-3 का सफल परीक्षण

भुवनेश्वर | एजेंसी: भारत ने परमाणु क्षमता युक्त अग्नि-3 का सफल परीक्षण कर लिया है. यह परीक्षण ओडीसा के प्रक्षेपण केन्द्र से सोमवार को किया गया है. गौरतलब है कि परमाणु क्षमता युक्त अग्नि-तीन, 3000 किलोमीटर तक सतह से सतह पर मार कर सकने योग्य है. रक्षा अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अग्नि-3 को सोमवार को राजधानी भुवनेश्वर से 200 किलोमीटर दूर भद्रक जिले के तटवर्ती इलाके धम्रा में स्थित ‘इनर व्हीलर आईलैंड’ के प्रक्षेपण स्थल से छोड़ा गया.

प्रक्षेपास्त्र ने बंगाल की खाड़ी में स्थित लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेद दिया. प्रक्षेपण स्थल के निदेशक एम.वी.के.वी. प्रसाद ने बताया, “सामरिक बल कमान ने अग्नि-3 प्रक्षेपास्त्र का परीक्षण किया. प्रक्षेपास्त्र की उपयोगिता जांचने के लिए यह परीक्षण किया गया.”

प्रसाद ने बताया, “प्रक्षेपास्त्र को उसकी पूरी क्षमता के साथ परीक्षण किया गया. परीक्षण सफल रहा. प्रक्षेपास्त्र ने अपने सभी लक्ष्य पूरे किए.”

उन्होंने आगे कहा, “इस परीक्षण का सफल होना किसी भी परिस्थिति से निबटने की हमारी तैयारी को साबित करता है, तथा भारतीय शस्त्रागार के इस बेधक हथियार की विश्वसनीयता को स्थापित करता है.”

अग्नि-3 1.5 टन तक वजन का हथियार वहन करने में सक्षम है. इसकी लंबाई 16 मीटर और वजन 48 टन है. इसमें दो चरणों में प्रज्‍जवलित होने वाली ईंधन प्रणाली है, तथा यह धरती की ओर लक्ष्य की तरफ मुड़ने के बाद बेहद तीव्र गति के साथ धरती के पर्यावरण में प्रवेश करता है.

रेल मोबाइल प्रणाली से युक्त अग्नि-3 प्रक्षेपास्त्र को देश के किसी भी हिस्से से छोड़ा जा सकता है. यह न केवल भारत के सैन्य क्षमता में बढ़ोतरी कर रहा है वरन् इससे भारत की तकनालाजी श्रेष्टता की झलक भी है.

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