छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 93% हिंदू, 2% मुसलमान

रायपुर | समाचार डेस्क: जाति आधारित जनगणना 2011 के अनुसार छत्तीसगढ़ में 93 फीसदी हिन्दू तथा 2 फीसदी मुसलमान रहते हैं. जाति आधारित जनगणना 2011 के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 93.2 फीसदी हिन्दू, 2.01 फीसदी मुसलमान, 1.92 फीसदी ईसाई, 0.27 फीसदी सिक्ख, 0.27 फीसदी बौद्ध, 0.24 फीसदी जैन तथा 1.93 फीसदी अन्य धर्मों के अनुयाई रहते हैं.

जबकि 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार भारत की कुल आबादी का 79.8 फीसदी हिस्सा हिंदू, 14.2 फीसदी मुसलमान हैं, साथ ही हिंदुओं तथा कुल आबादी के अनुपात में 0.7 फीसदी की गिरावट आई है. महापंजीयक व जनगणना आयुक्त द्वारा मंगलवार को पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, साल 2001 से लेकर 2011 के दौरान मुसलमानों की जनसंख्या वृद्धि दर सर्वाधिक 24.6 रही, वहीं हिंदुओं की 16.8 फीसदी, ईसाइयों की 15.5 फीसदी, बौद्धों की 6.1 फीसदी तथा जैन की 5.4 फीसदी रही.

छत्तीसगढ़ की कुल आबादी 2 करोड़ 55 लाख 45 हजार 198 है. जिसमें से 1 करोड़ 96 लाख 7 हजार 961 लोग गांवों में तथा 59 लाख 37 हजार 237 शहरों में रहते हैं.

इसी तरह से छत्तीसगढ़ के गांवों में 1 करोड़ 56 लाख 64 हजार 147 हिन्दू गांवों में 52 लाख 55 हजार 642 शहरों में निवासरत हैं.

छत्तीसगढ़ में 1 लाख 56 हजार 540 मुस्लिम गांवों में और 3 लाख 58 हजार 458 शहरों में रहते हैं.

छत्तीसगढ़ के गांवों में 1 लाख 76 हजार 500 तथा शहरों में 65 हजार 299 ईसाई रहते हैं.

इसी जाति आदारित जनगणना के अनुसार सिक्ख धर्म को मानने वाले गांवों में 5 हजार 453 तथा शहरों में 64 हजार 583 लोग रहते हैं.

जहां तक सवाल बौद्धों का है वे गांव में 24 हजार 360 तथा शहरों में 46 हजार 107 रहते हैं.

छत्तीसगढ़ के गांवों में जैन धर्म को मानने वाले 6 हजार 143 तथा शहरों में 55 हजार 367 लोग रहते हैं. इसी तरह से छत्तीसगढ़ के गांवों में अन्य धर्मों को मानने वाले 2 लाख 35 हजार 118 तथा शहरों में 9 हजार 044 लोग रहते हैं.

देश की जनसंख्या का समग्र विकास दर 17.7 फीसदी रहा.

साल 2011 की जनगणना के मुताबिक, देश की कुल आबादी में 96.63 करोड़ हिंदू 79.8 फीसदी, 17.22 करोड़ मुसलमान 14.2 फीसदी, 2.78 करोड़ ईसाई 2.3 फीसदी, 2.08 करोड़ सिख 1.7 फीसदी, 0.84 करोड़ बौद्ध 0.7 फीसदी, 0.45 करोड़ जैन 0.4 फीसदी तथा 0.79 करोड़ अन्य धर्मो व धारणाओं 0.7 फीसदी के लोग हैं.

आंकड़ों में यह बात भी सामने आई है कि 0.29 करोड़ आबादी ने अपना धर्म नहीं बताया.

गृह मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के मुताबिक, साल 2011 की जनगणना के मुताबिक, मुसलमानों व कुल आबादी के अनुपात में 0.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जबकि ईसाई व जैन समुदाय की आबादी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं देखी गई है.

विज्ञप्ति के मुताबिक, “साल 2001 से 2011 के दौरान हिंदुओं व कुल आबादी के अनुपात में 0.7 फीसदी की कमी हुई है, सिखों व कुल आबादी के अनुपात में 0.2 फीसदी की कमी जबकि बौद्धों तथा कुल आबादी के अनुपात में 0.1 फीसदी की कमी दर्ज की गई है.”

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