छत्तीसगढ़

पलायन को मजबूर छत्तीसगढ़िया

रायपुर | समाचार डेस्क: अजीत जोगी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पलायन को मजबूर हैं. जोगी ने कहा कि ऐसा मनरेगा में कटौती के कारण हो रहा है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि पूर्ववर्ती यूपीए की सरकार ने ग्रामीणों को गांवों में ही रोजगार देने के लिये मनरेगा योजना की शुरुआत की थी लेकिन वर्तमान केन्द्र सरकार ने इय योजना में कटौती करके पलायन को बढ़ावा दिया है. पहले जिन ग्रामीणों को गांवों में ही रोजगार मिल जाता था अब वे रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं.

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार ने चुनाव के पहले सबको रोजगार देने का वादा किया था लेकिन चुनाव के बाद ऐसा हो नहीं रहा है.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ को महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत 2014-15 में 2600 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी लेकिन इसमें कटौती करते हुए अब केवल 1307 करोड़ रुपए मंज़ूर किये गये. इस प्रकार से रोजगार गारंटी योजना के बजट में लगभग 55 फ़ीसदी कटौती कर दी गई.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में मनरेगा के तहत करीब 42लाख लोग पंजीकृत हैं.

यदि 1307 करोड़ रुपयों को 42लाख ग्रामीणों में बांटा जाता है को प्रत्येक के खाते में साल भर करीब 3111 रुपये ही आते हैं. जाहिर है कि इतने कम रुपयों में सालभर गुजारा करना कठिन काम है. यह स्थिति तब है, जबकि छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले साल ही रोजगार के दिन 150 करने की घोषणा करते हुये कई दावे किये थे.

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