छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में कम होते विदेशी पर्यटक

नई दिल्ली | विशेष संवाददाता: छत्तीसगढ़ में विदेशी पर्यटकों की संख्या में करीब 7 फीसदी की गिरावट आई है. वर्ष 2011 में जहां छत्तीसगढ़ में 3,973 विदेशी पर्यटक आये थे वहीं 2012 में उनकी संख्या बढ़कर 4,172 हो गई तथा 2013 में गिरकर 3,886 हो गई जो वर्ष 2011 से भी कम है. केन्द्र सरकार के आकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 6.9 फीसदी की कमी आई है.

छत्तीसगढ़ की तुलना में झारखंड में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 44.1 फीसदी, मध्यप्रदेश में 1.6 फीसदी, महाराष्ट्र में 56.7 फीसदी, ओडिशा तथा उत्तरप्रदेश में 3 फीसदी तथा पश्चिम बंगाल में 2.1 फीसदी बढ़ी है. वहीं, आंध्रप्रदेश में 23.7 फीसदी तथा बिहार में 30.2 फीसदी घटी है. गौरतलब है कि यह सभी राज्य नक्सल प्रभावित राज्यों के रूप में जाने जाते हैं.

केन्द्र सरकार के आकड़ों से सपष्ट है कि 9 में से केवल 3 राज्यों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई जिसमें से छत्तीसगढ़ में सबसे कम गिरावट हुई है. इसके उलट देशी पर्यटकों की संख्या छत्तीसगढ़ में इन 9 राज्यों में सबसे ज्यादा बढ़ी है. छत्तीसगढ़ में देशी पर्यटकों की संख्या में 51.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. जो कि सभी 9 राज्यों में सबसे अधिक है.

इससे साबित हो रहा है कि छत्तीसगढ़ में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है परन्तु हम विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में नाकाम रहें हैं. विदेशी पर्यटकों के आने से विदेशी मुद्रा के भंडार में बढ़ोतरी होती है इसलिये इसका अलग महत्व है.गौर करने वाली बात यह है कि छत्तीसगढ़ में विदेशी पर्यटकों की संख्या पहले से ही कम नहीं थी बल्कि उसमें 2013 में गिरावट आई है.

छत्तीसगढ़ में पर्यटन स्थलों की कमी नहीं है जिससे विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके. मिसाल के तौर पर सिरपुर का बौद्ध विहार जिसे देखने के लिये दलाई लामा तक यहां आये थे. चित्रकूट, अंबिकापुर का मैनपाट, मल्हार के प्रचीन मंदिरों के अवशेष, प्राकृतिक छटा बिखरने वाली बस्तर, खैरागढ़, गिरौधपुरी धाम, भोरमदेव, डोंगरगढ़ तथा चन्द्रखुरी आदि.

ज्ञात्वय रहे कि केन्द्रीय संस्‍कृति एवं पर्यटन राज्‍य मंत्री श्रीपाद नाईक ने इन आकड़ों को लोकसभा में पेश करते हुए कहा कि “नए पर्यटन स्‍थलों सहि‍त पर्यटन का वि‍कास एवं संवर्धन मुख्‍य रूप से राज्‍य सरकारों/संघ राज्‍य क्षेत्रों की जि‍म्‍मेवारी है.”

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