आबादी वर्ष 2100 तक 11 अरब होगी

Friday, September 19, 2014

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भारत की आबादी

वाशिंगटन | एजेंसी: 186 साल में दुनिया की आबादी 4 अरब बढ़ जायेगी. वर्तमान में दुनिया की आबादी करीब 7 अरब है. संयुक्त राष्ट्र और वाशिंगटन विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक महत्वपूर्ण अध्ययन में कहा गया है कि 2100 तक दुनिया की आबादी 11 अरब तक हो जाएगी, और बढ़ती आबादी के कारण जलवायु परिवर्तन, बीमारियों के संक्रमण और गरीबी जैसी समस्याएं भी बढ़ेंगी. हालांकि, यहां भारतीय उपमहाद्वीप एशिया के लिए एक उम्मीद की किरण है, जहां आबादी अभी 4.4 अरब है. साल 2050 तक यहां की आबादी पांच अरब तक हो जाएगी और इसके बाद आबादी घटनी शुरू हो जाएगी.

आधुनिक सांख्यिकीय उपकरणों का प्रयोग करके शोधकर्ताओं ने पाया कि वर्तमान जनसंख्या, पूर्व में लगाए गए अनुमानों से लगभग दो अरब अधिक है.

वाशिंगटन विश्वविद्यालय के सांख्यिकीय एवं समाजशास्त्र के प्रोफेसर एड्रियन रेफ्टरी ने बताया, “लगभग पिछले 20 सालों से इस बात पर आम सहमति बनी हुई है कि विश्व की जनसंख्या, जो कि वर्तमान में लगभग सात अरब है, साल 2100 तक नौ अरब तक पहुंच कर लगभग स्थिर हो जाएगी, या संभवत: घटने लगेगी.”

उन्होंने कहा, “इस बात की 70 फीसदी संभावना है कि इस सदी में दुनिया की जनसंख्या स्थिर नहीं होगी.”

जनसंख्या में सबसे ज्यादा बढ़ोत्तरी अफ्रीका में होने की संभावना है. अनुमान है कि 21वीं सदी के अंत तक अफ्रीका की जनसंख्या वर्तमान की एक अरब से चार गुनी बढ़कर चार अरब तक हो जाएगी.

एड्रियन ने बताया, “इसका मुख्य कारण है उप सहारा क्षेत्र अफ्रीका में जन्म दर उतनी तेजी से नहीं घट रही, जितना अनुमान था. 80 फीसदी संभावना है कि 21वीं सदी के अंत तक अफ्रीका की जनसंख्या 3.5 अरब से 5.1 अरब के बीच होगी.”

उत्तरी अमरीका, यूरोप, लैटिन अमरीका और कैरेबियन देशों में प्रत्येक देश की जनसंख्या एक अरब से नीचे बने रहने की संभावना है.

अध्ययन में जुलाई में जारी हुए संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या आंकड़ों की विस्तृत व्याख्या की गई है.

पहले अनुमानों के लिए काफी हद तक विशेषज्ञों की राय पर भरोसा किया जाता था.

नई पद्धति में जन्म दर, मृत्यु दर और अंतर्राष्ट्रीय प्रवास जैसी चीजों के अनुमानों के लिए सरकारी आंकड़ों और विशेषज्ञों के अनुमानों को एकीकृत करने के लिए बेसियन सांख्यिकी के नाम से मशहूर आधुनिक सांख्यिकी का प्रयोग किया जाता है.

शोधकर्ताओं ने बताया कि नई पद्धति के अनुमान के मुताबिक, 2100 में दुनिया की जनसंख्या 9.6 अरब से 12.3 अरब के बीच होने की 80 फीसदी संभावना है.

अमरीकी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य संस्थान और मानव विकास एवं विज्ञान फाउंडेशन, आयरलैंड के सहयोग से किया गया यह शोध ‘साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ.

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