EVM से निकलेंगे, अरविंद केजरीवाल?

Sunday, February 8, 2015

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अरविंद केजरीवाल-सीएम

दिल्ली | समाचार डेस्क: एक्जिट पोल के अनुसार दिल्ली में आम की सरकार बनना तय है. इसी के साथ यह भी तय माना जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल ही दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री होने जा रहें हैं. तमाम एक्जिट पोल के नतीजों से साफ है कि आम आदमी पार्टी वास्तव में कांग्रेस के वोटों को अपनी ओर मोड़ने में सफल हो गई है. कई एक्जिट पोल में भाजपा को नुकसान से ज्यादा कांग्रेस के सफाये की ओर इशारा किया गया है जिसके बदले में आम आदमी पार्टी को बढ़त मिलती दिख रही है. एक्जिट पोल के नतीजों की माने तो 10 फरवरी को दिल्ली विधानसभा की ईवीएम मशीनों से फिर से अरविंद केजरीवाल निकलने वाले हैं. आप में जहां खुशी का माहौल है वहीं, भाजपा के प्रवक्ता 10 फरवरी तक इंतजार करने की बात कर रहें हैं. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजधानी में नई विधानसभा गठन के लिए शनिवार को हुए मतदान में रिकार्ड 67.08 फीसदी मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया. वर्ष 2013 में हुए चुनाव में 65.6 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था. मतदान के बाद आए अधिकांश सर्वेक्षणों में आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलती दिखाई गई है और अनुमान लगाया गया है कि आप इस बार अपने दम पर सरकार बनाने में कामयाब होगी.

मतदान/चुनाव के आकड़े
मतदान के बाद दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी चंद्रभूषण कुमार ने कहा, “हमें यह घोषणा करते हुए खुशी है कि इस बार रिकार्ड 67.08 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.”

उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिले में सबसे ज्यादा और नई दिल्ली जिले में सबसे कम मतदान दर्ज किया गया.

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 69.89 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, वहीं नई दिल्ली जिले में 64.01 फीसदी लोगों ने वोट डाले.

उन्होंने कहा कि इस बार 11 लाख नए मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

इस चुनाव में कुल 673 प्रत्याशियों में महिला प्रत्याशियों की संख्या 63 है. तीनों बड़ी पाटियों भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने क्रमश: आठ, छह और पांच महिलाओं को ही प्रत्याशी बनाया है.

सभी उम्मीदवारों की किस्मत अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में बंद हो गई है, जो कि 10 जनवरी को मतगणना के साथ खुलेगी.

दिल्ली में कुल 1,33,09,078 मतदाता हैं, इनमें 73,89,089 पुरुष मतदाता और 59,19,127 महिला मतदाता हैं, जबकि 862 ‘थर्ड जेंडर’ मतदाता हैं.

मतदान के लिए कुल 12,177 मतदान केंद्र बनाए गए थे. इनमें से 714 को संवेदनशील और 191 को अति-संवेदनशील घोषित किया गया था. उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी सीट पर सबसे अधिक 18 उम्मीदवार हैं, जबकि दक्षिणी दिल्ली के अंबेडकर नगर सीट से सबसे कम चार उम्मीदवार हैं.

दिल्ली विधानसभा चुनाव के तहत मतदान शांतिपूर्वक संपन्न कराने और कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ 55,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था.

दिल्ली विधानसभा 2013
गौरतलब है कि 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा 31 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि पहली बार चुनाव में उतरी आप को 28 सीटें मिली थीं. कांग्रेस को सिर्फ आठ सीटों पर संतोष करना पड़ा था.

त्रिशंकु विधानसभा के बीच आप ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई थी, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सदन में दिल्ली जन लोकपाल विधेयक पारित नहीं किए जाने के कारण 49वें दिन 14 फरवरी, 2014 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद पिछले साल 17 फरवरी से यहां राष्ट्रपति शासन लागू है.

एक्जिट पोल के नतीजे

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को मतदान खत्म होने के बाद आए सर्वेक्षणों में आम आदमी पार्टी को 31 से लेकर 53 सीटें तक मिलने का अनुमान जाहिर किया गया है.

सर्वे के अनुसार, भाजपा को 17-35 सीटें प्राप्त हो सकती हैं. कांग्रेस का इस चुनाव में लगभग सफाया हो सकता है. दिल्ली पर 15 वर्षो तक शासन कर चुकी कांग्रेस की स्थिति इस चुनाव में बहुत बुरी दिख रही है, और एक्जिट पोल परिणामों में या तो उसे एक भी सीट नहीं दी गई है, या फिर बमुश्किल चार सीटें उसे दी गई हैं.

आप के वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि उनकी पार्टी अजेय बहुमत की ओर अग्रसर है और 50 से ज्यादा सीटें जीत सकती है.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अभी कोई टिप्पणी नहीं आई है.

टुडेज चाणक्य ने आप को 48 सीटें दी हैं, और भाजपा को 22 सीटें.

चाणक्य के सर्वे में कहा गया है कि आप और भाजपा की लड़ाई में कांग्रेस कहीं नहीं टिक पाई.

किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 70 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 36 सीटों की जरूरत होगी.

एबीपी-नील्सन के सर्वे में आप को 39 सीटें और भाजपा को 28 सीटें दी गई हैं.

इंडिया टुडे-सिसरो पोल ने आप को 35-43 सीटें दी हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी को 23-29 सीटें.

एनडीटीवी के सर्वे में कहा गया है कि आप 38 सीटें जीत सकती है, जबकि भाजपा को 29 सीटें मिल सकती हैं.

एक्सिस-एपीएम पोल में हालांकि आप को 53 सीटें और भाजपा को 17 सीटें दी गई हैं.

टाइम्स नाउ/सी-वोटर के सर्वेक्षण में कहा गया है कि आप 31-39 सीटें जीत सकती है, जबकि भाजपा को 27-35 सीटें मिल सकती हैं.

केजरीवाल बनाम किरण बेदी
आक्रामक प्रचार करने वाले आप प्रमुख केजरीवाल ने दिल्ली की जनता को आभार प्रकट किया है. उन्होंने ट्वीट किया है, “सच में विस्मयकारी हैं. जाति और धर्म की राजनीति को ठुकराया. उम्मीद है परिणाम सर्वे के जैसा ही आएगा.”

भाजपा की मुख्यमंत्री प्रत्याशी किरण बेदी ने मीडिया से कहा, “हम एक्जिट पोल से सहमत नहीं हैं. हमें पूरा भरोसा है कि भाजपा दिल्ली में जीतेगी.”

आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि उनकी पार्टी को हमेशा भरोसा था कि दिल्ली में जीत होगी.

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