लोगों ने पागल समझा, हमने ‘नीरजा’ बनाया

Monday, February 22, 2016

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'नीरजा'-बायोपिक

मुंबई | मनोरंजन डेस्क: ‘नीरजा’ के निर्माता-निर्देशक ने बताया कि जब इसे बनाया जा रहा था तो लोगों ने इसे पागलपन समझा परन्तु हमने कहानी पर विश्वास करके फिल्म बना डाली. ‘नीरजा’ की कहानी में मुख्य पात्र दो महिला हैं इसी लिये पहले ऐसा समझा जा रहा था कि यह फिल्म सफल नहीं होगी. अपने रिलीज होने के पहले ही दिन इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस में सफलता के झंडे गाड़ दिये जिससे साबित होता है महिला या पुरुष नहीं, फिल्म की विषय वस्तु उस तक दर्शकों को खींच लाती है. ‘नीरजा’ से फिल्म-निर्माता के तौर पर अपने करियर की शुरुआत कर चुके मशहूर छायाकार अतुल कासबेकर ने बताया कि सोनम कपूर अभिनीत फिल्म बनाते हुए लोग हमें पागल समझ रहे थे, क्योंकि इसमें दो महिलाएं मुख्य भूमिका में हैं.

राम माधवानी द्वारा निर्देशित फिल्म आतंकवादियों द्वारा 1986 में अमरीकी विमानन कंपनी, पैन एम के एक विमान को अगवा किए जाने की कहानी पर आधारित है, जिसमें नीरजा भनोट ने लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान दे दी थी. फिल्म शुक्रवार को रिलीज हुई, जिसे काफी प्रशंसा प्राप्त हुई है.

सोनम कपूर फिल्म की मुख्य नायिका हैं, वहीं शबाना आजमी ने फिल्म में सोनम की मां का किरदार निभाया है.

कासबेकर ने कहा, “फिल्म में दो महिलाओं सोनम और शबाना की मुख्य भूमिका के चलते सभी हमें पागल समझ रहे थे. सिर्फ हमें विश्वास था कि नीरजा भनोट की कहानी बताई जा सकती है और दर्शक इस विषय पर फिल्म देखने को उत्साहित हैं.”

करण जौहर, सुभाष घई और आयुष्मान खुराना जैसे सितारों ने फिल्म ‘नीरजा’ की काफी प्रशंसा की है.

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