5 साल में 47 बाघों की मौत

Tuesday, July 9, 2013

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बाघ

भोपाल | संवाददाता: मध्यप्रदेश के जंगल और वन विहार में बाघ खतरे में है. पिछले पांच सालों में राज्य में 47 बाघ काल के गाल में समा गये हैं.

विधानसभा में इस बारे में एक सवाल का जवाब देते हुये वन मंत्री सरताज सिंह ने कहा कि 2009-10 से अब तक के 5 सालों में राज्य में कुल 47 बाघों की मौत हुई है. उन्होंने दावा किया कि इन मौतों की वजह बीमारी, वृद्घावस्था व आपसी संघर्ष रहा है. वन मंत्री के अनुसार मध्यप्रदेश में इन पांच वर्षों में 18 बाघों की मौत आपसी संघर्ष में हुई है. इसके अलावा 13 बाघों की मौत बीमारी से, तीन की जहर से 10 की बुढ़ापे से, दो की वाहन दुर्घटना में और एक बाघ की मौत ठीक से देखभाल के अभाव में हुई है.

इन पांच वर्षों में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के राष्ट्रीय उद्यान वन विहार में 15 बाघों की मौत हुई है. इसके अलावा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 13, कान्हा टाइगर रिजर्व में 8, पेंच टाइगर रिजर्व में 5, पन्ना टाइगर रिजर्व में 4, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 1 और नौरादेही अभ्यारण्य में 1 बाघ की मौत को विधानसभा में स्वीकार किया गया.

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