तलाक़-तलाक़-तलाक़ पर नोटिस

Saturday, August 27, 2016

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भारतीय सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक़ पर केन्द्र तथा मुस्लिम लॉ बोर्ड को नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने तीन तला़क, निकाह हलाला तथा बहुविवाह को गैर-कानूनी तथा असंवैधानिक बताने वाली एक याचिका पर केन्द्र सरकार तथा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को नोटिस जारी करते हुये जवाब मांगा है.

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की रहनेवाली इशरत ने याचिका दाखिल कर तीन तलाक़़, निकाह हलाला और बहुविवाह को अंसवैधानिक और मुस्लिम महिलाओँ के गौरवपूर्ण जीवन जीने के अधिकार का उल्लंघन बताया है.

दरअसल, इशरत के पति ने दुबई से फ़ोन पर उसे तलाक़़ दे दिया है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने केंद्र सरकार और मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड को नोटिस जारी कर इस मामले को भी पहले से ही कोर्ट में चल रही 4 याचिकाओं के साथ सुनवाई के लिए भेज दिया.

याचिकाकर्ता की ये भी मांग थी की उसके 4 बच्चों को पति के परिवार से लेकर उसे दिया जाये और उसके दहेज की रकम उसे वापिस दिलवाया जाये.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा की ये राहत लेने के लिए आप या तो पुलिस को अपनी अर्जी दें या दूसरी अर्जी लगायें. मुख्य न्यायाधीश ने कहा, इस याचिका के जरिये आप ये मांग नहीं कर सकते, आप इसके लिए हेबस कार्पस यानी बंदी प्रत्यक्षीकरण की अर्जी लगायें.

इस याचिका से पहले शायरा बानो, नूरजहां नियाज, आफरीन रहमान नाम की पीडि़त महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगा कर ट्रिपल तलाक को चुनौती दी थी. इनके अलावा फरहा फैज नाम की एक महिला ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ट्रिपल तलाक़ और मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड को चुनौती दी है.

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