सिंध के बाशिंदे रायपुर आये

Friday, August 8, 2014

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रायपुर

रायपुर | एजेंसी: पाकिस्तान के सिंध प्रांत से 97 सदस्यों का जत्था हरिद्वार होते हुए बुधवार को रायपुर पहुंचा, वे सभी शद्दाणी दरबार में रूके हुए हैं. छत्तीसगढ़ में रक्षाबंधन, जन्माष्टमी का त्यौहार मनाकर वे पटना साहिब होते हुए महीने भर बाद वापस अपने वतन लौटेंगे.

भारत आना उन्हें काफी अच्छा लगता है, यहां जैसा अपनापन और कहीं नहीं मिलता. वहां से कपड़े व कुछ अन्य चीजें लेकर आते हैं लेकिन वापसी में वे धार्मिक ग्रंथ व मूर्तियां ले जाना पसंद करते हैं. वीजा विलंब से मिलने के कारण इस बार वे कुछ देरी से भारत पहुंचे हैं.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे जत्थे का शद्दाणी दरबार में संत युधिष्ठिर लाल ने पारम्परिक रूप से स्वागत किया. जत्थे का नेतृत्व कर रहे प्रमुख आत्मदास तलरेजा पिछले 30 साल से लगातार यहां आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि जत्थे में 20 बच्चे, 23 महिलाएं व 54 पुरुष सदस्य शामिल हैं.

पिछले माह 8 जुलाई से प्रारंभ हुए मेला उत्सव के दौरान लगभग 500 सदस्य अलग-अलग खेप में साल में एक बार सिंध प्रांत से भारत आते हैं. सिंध प्रांत के हैदराबाद, करांची, शिकारपुर, तांगड़ू व लरकना जैसे जगहों से वे पहुंचे हुए हैं.

ताराचंद केशवानी व साथी भी पिछले कई सालों से यहां आ रहे हैं. अगस्त माह में मनाये जाने वाले रक्षाबंधन व जन्माष्टमी का त्यौहार का उन्हें बेसब्री से इंतजार है. वे सभी यहां की परम्परा व संस्कृति के कायल हैं. यहां की हरियाली व विकास उन्हे काफी अच्छा लगा. वे पाकिस्तान से कपड़े व कुछ अन्य सामान लेकर पहुंचे हैं और यहां से वापसी में धार्मिक ग्रंथ व मूर्तियां ले जाना पसंद करते हैं.

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