सफल व्यक्ति दूसरों को ठेस नहीं पहुंचाते

Monday, September 1, 2014

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श्री श्री रविशंकर आर्ट ऑफ लिविंग

ग्रेटर नोएडा | एजेंसी: श्री श्री ने कहा ‘सफल व्यक्ति चीजें नहीं चुराते’, ‘आनंद के लिए दूसरों को ठेस नहीं पहुंचाते’ और ‘समाज को वापस देने में खुश रहते हैं’. खुशी के साथ सफलता हासिल करने के दर्जनों मंत्रों में से ये कुछ खास मंत्र थे, जिन्हें विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर ने ग्रेटर नोएडा में एक कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के बीच रखे. ‘सक्सेस एंड हैपीनेस’ नाम से व्याख्यान श्रृंखला शुरू करने वाले बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी के परिसर में शनिवार को आयोजित इस सत्र में उपस्थित 3000 से अधिक कॉरपोरेट हस्तियों, सरकारी अधिकारियों, शिक्षकों, प्रबंधन छात्रों और ग्रेटर नोएडा एवं नोएडा के निवासियों ने इन मंत्रों को आत्मसात किया.

सफलता के सूत्रों के बारे में ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक ने युवा भारतीयों को संबोधित कर कहा, “जुनून के साथ अपने द्वारा चुने गए पेशे का अनुसरण करो, क्योंकि जुनून ही उत्कृष्टता हासिल करने में मदद करेगा और जब एक बार तुम सफलता हासिल कर लो तो घमंड से दूर रहो.”

सफल व्यक्तियों द्वारा समाज को वापस देने के रुख में गिरावट आने के बारे में श्री श्री रवि शंकर ने कहा कि किसी व्यक्ति की सफलता जीवन में दृढ़ संकल्प, मजबूत आत्मविश्वास और निडर नजरिए में है. सफल स्त्री और पुरुष चीजें नहीं चुराते क्योंकि वे संपदा बना सकते हैं.

श्री श्री रवि शंकर ने प्रबंधन छात्रों को शिक्षा पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने, पाठ्यक्रम से अलग विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेने और एक बहुमुखी व्यक्तित्व का विकास करने की सलाह दी.

उन्होंने कहाकि खुशी केवल तभी हासिल की जा सकती है, जब हम अतीत की दुखदायी यादों को भुला दें. परिवार के साथ जुड़ी खुशी की धारणा को जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि जब तक हमारे आसपास के लोग दुखी हैं, तब तक खुशी का अनुभव करना संभव नहीं है.

श्री श्री ने सफलता का गुरुमंत्र दिया कि दूसरों की जीत पर उतना ही खुश होना है, जितना अपनी जीत का जश्न मनाना. उन्होंने बताया कि किस प्रकार कितने नेताओं ने जिंदगी में कई बार असफलता के बावजूद असाधारण सफलता हासिल की.

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