शिकार में घायल मादा चीतल की मौत

Thursday, March 13, 2014

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चीतल

रतनपुर | उस्मान कुरैशी: तीर लगने से घायल मादा चीतल की तालाब में मौत हो गई. घटना की सूचना पर एसडीओ वन बिलासपुर मौके पर पहुंचे. मृत चीतल का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया. चीतल के शव को पीएम के बाद जला दिया गया.

गुरूवार की शाम कोटा ब्लाक के ग्राम पंचायत भैसाझार की बस्ती के करीब गंभीर रूप से घायल मादा चीतल पहुंचा. चीतल के पेट में टूटा हुआ छह इंच लंबा तीर घुसा था. आबादी के नजदीक पहुंचने पर गांव के आवारा कुत्ते उसे नोचने लगे. गंभीर रूप से घायल चीतल कुत्तों बचने भागा और जान बचाने कलार पारा के तालाब में घूस गया. जहां उसकी मौत हो गई .

चीतल के घायल होने की सूचना पर समीप के वन कक्ष में तैनात वन विकास निगम का वन रक्षक गिरीश चंद्र टंडन मौके पर पहुंचा. उसने ग्रामीणों की मदद से चीतल को तालाब से बाहर निकाला तब तक मादा चीतल की मौत हो चुकी थी.

मादा चीतल के पेट में तीर घुसा था. तीर का बाहरी हिस्सा टूट हुआ था. उसमें प्लास्टिक की रस्सी जैसी चीज भी बंधी हुई थी. पेट में तीर के पेट में घुसने से ही चीतल गंभीर रूप से घायल होने की संभावना जताई जा रही थी. चीतल के पेट पर कुत्तों के नोचने के भी निशान है. पेट में नुकीली तीर जैसी वस्तु के घुसे होने से मादा चीतल के शिकार किए जाने की आशंका व्यक्त की गई है.

प्रत्यक्ष दर्शी युवक हरीश बंजारे के मुताबिक चीतल मिडिल स्कूल के पास से खेतों की तरफ से भागते आया उसके पीछे कुछ आवारा कुत्ते लगे हुए थे. कुत्तों से बचने वह सीधे तालाब में घुस गया. हम लोगों ने घायल हिरन के तालाब में घुसने की खबर वन कर्मियों को दी थी.

गिरीश ने घटना की सूचना अपने प्रभारी अधिकारी विनय दुबे को दी वे मौके पर पहुंचे और घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी . मामला वन परिक्षेत्र रतनपुर से संबंधित था . मामले की जानकारी देने रतनपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी श्रीपंडा के मोबाईल पर काल किए तो उनसे संपर्क नही हो सका .

मौके पर मौजूद जिला पंचायत सदस्य दीपक रजक ने मामले की जानकारी डीएफओ हेमंत पांडे को दी . उनके निर्देश पर एडीओ वन बिलासपुर श्री नहिलाने मौके पर पहुंचे. उनके निदेश पर वन अमले ने मृत मादा चीतल के शव का पंचनामा कर मौके पर ही पोस्टमार्टम कराया. पीएम के बाद चीतल के शव को वन कर्मियों ने जला दिया.

पहले भी हो चुकी है गांव में शिकार की घटना

ग्राम पंचायत भैसाझार में दो साल पहले भी चीतल का शिकार कर उसका मांस पकाकर खाने की घटना हो चुकी है. इस मामले में गांव के 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है. यह मामला अब भी न्यायालय में लंबित है. इसके अलावा कुछ दिनों पूर्व रतनपुर केन्दा मार्ग में सिल्ली मोड़ के पास एक हिरण गंभीर अवस्था में मिला था. जिसके गले तार फंसी हई थी जिसकी वजह से उसके गले में गंभीर जख्म हो गया था. ग्रामीणों की सूचना पर वन कर्मियों ने उसे कानन पेण्डारी भेजा था. यहां भी मौके पर वन विभाग के कोई जिम्मेदार अधिकारी नही पहुंचे थे.

पशु चिकित्सक व रेंजर मुख्यालय से नदारत

चीतल के शव विच्छेदन के लिए रतनपुर पशु चिकित्सालय के चिकित्सक शशि सिंह की तलाश की गई तो पता चला कि वे मुख्यालय में ही नही रहते. तब एसडीओ श्री नहिलाने ने एसडीएम कोटा से संपर्क किया. उन्होने कोटा के पशु चिकित्सक को पीएम करने जाने के लिए निर्देशित किया. इसी प्रकार श्री नहिलाने अपने मातहत रेंजर श्री पंडा को तलाशते रहे.

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