घोषणापत्र धर्मग्रंथ जैसा पवित्र-मुख्यमंत्री

Sunday, January 26, 2014

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रमन सिंह

अंबिकापुर | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि चुनाव के दौरान जारी किया गया घोषणा-पत्र धर्म ग्रंथों की तरह पवित्र होता है, जिसके हर बिंदु पर खरा उतरने की जिम्मेदारी, हम कर्त्तव्य-भाव से स्वीकार करते हैं. लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीति बदलाव का सबसे कारगर माध्यम होती है. राजनीति के व्यापक कार्य क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के विचारों और मतों की गुंजाईश रहती है. राजनीति अपने आप में बड़ी ताकत होती है, लेकिन अगर राजनीति अपने उद्देश्यों से भटकती है, तो उससे जनता का विश्वास डगमगाने और समूची व्यवस्था के टूटने का खतरा बना रहता है, इसलिए राजनीति और सरकार के काम-काज में पारदर्शिता और शुचिता बहुत जरूरी है.

मुख्यमंत्री रविवार को अम्बिकापुर में गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण करने और परेड की सलामी लेने के बाद जनता को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सरकारी काम-काज में पारदर्शिता बढ़ाने और जनता के खून- पसीने की कमाई का एक-एक पैसा राज्य के विकास और सभी वर्गों की भलाई में लगाने की प्रतिज्ञा हमने ली है. इसके लिए हमने सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग और सरकारी नियम-कायदों में सरलीकरण को बढ़ावा दिया है. लोक सेवा गारंटी अधिनियम और सत्य निष्ठा संधि जैसे कदमों से नये दौर का आगाज किया जा चुका है.

रमन सिंह ने कहा कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की ‘जीरो-टॉलरेंस’ की नीति के संकल्प को भी दोहराया. उन्होंने कहा – संविधान पर आस्था, लोकतंत्र पर विश्वास, संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान और न्याय व्यवस्था पर भरोसा जैसे शब्द छत्तीसगढ़ में बहुत मायने रखते हैं. हमारा जन-जीवन इन शब्दों से प्रेरणा लेता है और इनके अनुरूप व्यवहार करता है. हमारे लिए भारतीय संविधान सर्वोपरि है, इसलिए हम एक ओर जहां संविधान पर आस्था रखकर गणतंत्र को सशक्त बनाने वाले लोगों के हितों की रक्षा करेंगे, वहीं दूसरी तरफ संविधान विरोधी, लोकतंत्र विरोधी, नक्सलवादी और अन्य हिंसक तत्वों को कुचलने में भी हम पीछे नहीं हटेंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान जारी किया गया घोषणा-पत्र धर्म ग्रंथों की तरह पवित्र होता है, जिसके हर बिंदु पर खरा उतरने की जिम्मेदारी, हम कर्त्तव्य-भाव से स्वीकार करते हैं. शपथ लेते ही पहले दिन से हमने वायदे पूरे करने शुरू कर दिए हैं. हमारे घोषणा-पत्र का पहला बिंदु है-‘गरीब जनता को अब एक रूपए किलो चावल’. हमने यह वादा पूरा कर दिया है, जिसके कारण प्रदेश के 48 लाख अतिरिक्त गरीब परिवारों को मिलाकर 65 लाख परिवारों को एक रूपए किलो की दर से, प्रति माह 35 किलो चावल अथवा गेहूं मिलेगा.

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि हमारे घोषणा-पत्र का दूसरा बिंदु है-2100 रूपए धान के समर्थन मूल्य हेतु पहल. शपथ लेते ही मैंने यह पहल कर दी है. केन्द्र शासन द्वारा धान का समर्थन मूल्य घोषित किया जाता है और केन्द्रीय पूल के लिए केन्द्र सरकार की ओर से राज्य सरकार धान की खरीदी करती है. धान की खरीदी हेतु पारदर्शी प्रणाली बनाना और उसे किसानों के हित में संचालित करना, राज्य सरकार ने अपनी अहम जिम्मेदारी समझी और देश की सर्वोत्तम प्रणाली राज्य में बना ली है. समर्थन मूल्य पर अनाज की कीमत निर्धारित करना केन्द्र सरकार का काम है, इसलिए मैंने घोषणा पत्र के अनुरूप प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर जो पहल की है, उसमें छत्तीसगढ़ के सभी किसान भाई-बहनों की भावनाओं से केन्द्र को अवगत करा दिया है.

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि घोषणा-पत्र का तीसरा बिंदु है-300 रूपए प्रति क्विंटल प्रति वर्ष बोनस. हमने किसानों की समृद्धि के विषय को लंबित रखने के बजाए, केन्द्र के निर्णय का इंतजार न करते हुए, राज्य शासन की ओर से प्रति वर्ष, धान खरीदी पर 300 रूपए प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय भी ले लिया है.

उन्होंने कहा कि राज्य गठन के प्रारंभिक वर्षों में मात्र 5 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी राज्य सरकार ने की थी. वर्ष 2003 में व्यवस्था बदली और मैंने एक-एक दाना धान खरीदने का फैसला लिया, तो हर साल एक नया कीर्तिमान बनने लगा और बीते एक साल में 71 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है. बीते दस वर्षों में हमने अपने अन्नदाताओं से 4 करोड़ 24 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा और इसके एवज में किसान भाइयों को 43 हजार करोड़ रूपए का भुगतान किया.

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की महतारी एक्सप्रेस, आरोग्य सेवा, 102, 104 नंबर, तीर्थ यात्रा समेत राज्य सरकार की तमाम योजनाओं का उल्लेख करते हुये कहा कि युवाओं को कौशल विकास का अधिकार देने वाला देश का पहला राज्य भी छत्तीसगढ़ बन गया है. हमने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि युवा अपने जिले में गठित कौशल विकास प्राधिकरण में आवेदन करने के 90 दिन के भीतर वांछित प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे. इसके लिए 51 प्रकार के कौशल विकसित करने की व्यवस्था कर दी गई है.

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