रमन ने आदिवासी नेतृत्व खत्म किया: करुणा

Sunday, March 2, 2014

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करुणा शुक्ला

रायपुर | एजेंसी:करुणा शुक्ला ने कहा है कि रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व को खत्म कर दिया है, जिससे छत्तीसगढ़ की अस्मिता के साथ सद्भावना भी प्रभावित हुई है.

कांग्रेस की विधिवत सदस्यता ग्रहण करने के बाद पूर्व सांसद व वरिष्ठ नेता करुणा शुक्ला ने कहा कि अब उनकी प्रतिबद्धता कांग्रेस के साथ है और अब वे जीवनपर्यांत कांग्रेस संगठन को मजबूत करने का प्रयास करेंगी.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला ने कहा कि सत्ता के दबाव से संगठन का नुकसान होना तय है और यह भाजपा के साथ हो रहा है. भाजपा में रहते हुए उनके मान-सम्मान को काफी ठेस पहुंचा इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़ दी.

कांग्रेस भवन में पार्टी की विधिवत सदस्यता ग्रहण करने के बाद करुणा शुक्ला पत्रकारों से चर्चा कर रही थी. उन्होंने कहा कि दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यालय में औपचारिक घोषणा के बाद आज विधिवत रूप से कांग्रेस प्रवेश से उन्हें हर्ष महसूस हो रहा है. विगत 7-8 वर्षों से भाजपा के क्रिया-कलाप से नाखुश होकर उन्होंने कांग्रेस प्रवेश किया है.

उन्होंने कहा कि जिस दल में वह थी उसके लिए उन्होंने प्रतिबद्धता के साथ काम किया, अब वे कांग्रेस प्रवेश कर चुकी हैं इसलिए उनकी प्रतिबद्धता कांग्रेस संगठन के लिए है.

शुक्ला ने कहा कि जब-जब संगठन पर सत्ता पक्ष हावी होता जाता है तब संगठन को नुकसान होना तय है और भाजपा के साथ यह हो रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा में रहने के दौरान उन्होंने इसका विरोध किया, अब वे स्वतंत्र हैं और उन्हें बहुत कुछ करना है.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कथनी करनी में फर्क है. कांग्रेस ऐसी संस्था है जिसने भ्रष्टाचार के मामले में अपने मंत्रियों को भी सजा दिलाने में पीछे नहीं रही है, जबकि भाजपा ने येदियुरप्पा को फिर से बहाल कर अपनी मंशा साबित कर दी है.

उन्होंने कहा कि राज्यसभा या विधानसभा के दौरान टिकट नहीं दिए जाने से वह नाराज नहीं हैं. भाजपा में रहने के दौरान उनके मान-सम्मान को काफी ठेस पहुंचा. राज्य निर्माण के बाद वे पांच कमेटी में शामिल थी मगर चुनाव के दौरान उन्हें अचानक कमेटियों से हटा दिया जिससे उनके स्वाभिमान को काफी ठेस पहुंचा था.