मौजूदा नीति भिखारी बनाएगी

Wednesday, April 29, 2015

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पीवी राजगोपाल

भोपाल | एजेंसी: राजगोपाल ने आरोप लगाया कि मौजूदा विकास की नीति से किसान भिकारी बन जायेंगे. एकता परिषद के संस्थापक गांधीवादी पी. वी. राजगोपाल ने कहा है कि वर्तमान सरकार की विकास नीति गांव के किसानों को भूमिहीन बनाकर शहरों का भिखारी बनाने वाली हैं. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चार दिवसीय उपवास व धरने का समापन करते हुए राजगोपाल बुधवार को राज्य और केंद्र सरकार पर जमकर बरसे. राजगोपाल ने कहा, “सरकारों के इस विकास का विरोध करना है, जिसमें भूस्वामी को भूमिहीन बनाया जा रहा है और भूमिहीनों को भूमि नहीं दी जा रही है. आज देश के 99 हजार गांव नक्शे से गायब हो गए हैं. हम विकास की ऐसी अवधारणा को चुनौती दे रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि लोगों को उनकी आजीविका से बेदखल नहीं किया जाए.”

उन्होंने कहा कि लोगों को जंगल एवं जमीन पर अधिकार दिया जाए. पूंजीपतियों के पक्ष में बनाए जा रहे कानूनों को खत्म कर किसान एवं वंचित समुदाय को अधिकार दिलाने वाले कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए और इनके लिए नए कानून बनाए जाएं.

एकता परिषद द्वारा पिछले चार दिन से चल रहा उपवास एवं धरना बुधवार को नीलम पार्क में आयोजित आमसभा के साथ खत्म हो गया. धरने को देश भर से राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों का समर्थन मिला.

राज्यस्तरीय उपवास एवं धरने के समर्थन में प्रदेश के 37 जिलों में किसान एवं आदिवासी धरने पर बैठे थे, जो भूमि संबंधी और वन अधिकार संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपे. उपवास व धरना खत्म होने से पहले शहाजहांनी पार्क से रैली निकाली गई जो नीलम पार्क पहुंची.

एकता परिषद के अध्यक्ष रनसिंह परमार ने कहा कि गरीबों के हितों की अनदेखी कर लाए गए किसी भी विकास के ढांचे से समाज में विद्रोह की भावना बनी रहेगी.

भारत स्वाभिमान आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक सुरेन्द्र बिष्ट ने कहा कि गांव एवं किसान की उपेक्षा की राजनीति से देश का विकास नहीं हो सकता.

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह ने कहा कि ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की जरूरत है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को खत्म करने लिए साजिश रची जा रही है.

किसान नेता शिवकुमार शर्मा ने कहा कि जमीन की इस लड़ाई को आखिरी दम तक लड़ना है.

किसान नेता एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने कहा कि देशभर में किसान अपना हक पाने लिए आंदोलन कर रहे हैं. किसानों की जमीनें छीनी जा रही है, जिससे वे आक्रोशित हैं.

एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक अनीस कुमार ने कहा, “संगठन के सभी मांगों पर राज्य सरकार ने निर्णय नहीं लिया है, इसलिए अब गांव-गांव में पोस्टकार्ड लिखो अभियान चलाया जाएगा. 15 अगस्त को सांसदों एवं विधायकों का घेराव, 11 सितंबर को जिला स्तरीय प्रदर्शन एवं रैली का आयोजन और दो अक्टूबर को राजधानी भोपाल में चक्का जाम किया जाएगा.”

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