पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस के इंजन में आग

Friday, April 25, 2014

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रेलवे

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे मंदिर हसौद के छतौना गांव के पास शुक्रवार सुबह पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस के इंजन से धुआं उठा और देखते ही देखते आग लग गई. आग की लपटें दरवाजे से बाहर निकलने लगीं. यह देख ट्रेन चालक ने गाड़ी रोक दी.

अचानक ट्रेन रुकने से यात्री हड़बड़ा कर नीचे उतरे और आगजनी का पता चलते ही वहां अफरा-तफरी मच गई. ट्रेन में बैठे यात्री नीचे उतर आए. यात्रियों ने नजदीक के तालाब से पानी लाकर आग बुझाई, इसके बाद दमकल की दो गाड़ी मौके पर पहुंचीं. इस दौरान रेलवे के आला अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंच गए थे. यात्रियों की सूझ-बूझ से बड़ा हादसा टल गया. रेलवे ने घटना की विभागीय जांच का आदेश दिया है.

डीआरएम राजीव सक्सेना ने बताया की घटना की जांच के आदेश दिए हैं. घटना की विभागीय जांच की जाएगी. पता लगाया जाएगा कि चूक कहां हुई. क्या धुआं पहले से उठ रहा था? क्या तकनीकी खराबी पहले से थी? या आग अचानक लगी? जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी.

मिली जानकारी के अनुसार पुरी से आ रही पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस ने सुबह लगभग 9.30 बजे लखौली को पार किया, तभी इंजन में आग लग गई. चालक वीके सिंह ने ट्रेन रोकी और इसकी सूचना दमकल और कंट्रोल रूम को दी. सूचना मिलते ही मंदिर हसौद, जीआरपी और आरपीएफ के साथ रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे. तब तक यात्रियों ने आग बुझा ली थी.

आग बुझने के आधा घंटे बाद दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, जिन्हें वापस लौटा दिया गया. ट्रेन को किसी तरह मंदिर हसौद लाया गया, जहां दूसरा इंजन लगाकर रवाना किया गया. रेलवे अधिकारियों के अनुसार गर्मी के कारण कई दफा इंजन के कम्प्रेशर में आग लग जाती है. गर्मी के दिनों में तकनीकी कारणों से ऐसी घटना होती रहती है.

रेलवे सूत्रों ने बताया कि अगर यात्रियों ने समय पर आग पर काबू नहीं पाया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था. इंजन के पास डीजल का टैंक था, जिसमें हजारों लीटर डीजल था. आग और बढ़ती तो टैंक तक पहुंच जाती. उस स्थिति में बड़ा विस्फोट होता और आग पूरी ट्रेन को चपेट में ले सकती थी.

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