रेल बजट से शेयर गिरे

Thursday, February 26, 2015

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सुरेश प्रभु- रेल मंत्री

मुंबई | समाचार डेस्क: निवेश बढ़ाने का दावा करने वाले मोदी सरकार के पहले रेल बजट से रेलवे क्षेत्र के शेयर लुढ़क गये. इससे जाहिर होता है कि निवेशक रेल बजट में जिस चीज की उम्मीद लगाये बैठे थे बजट उसके अनुरूप नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 2015 के रेल बजट को भारतीय रेल के लिए ऐतिहासिक पल करार दिया और कहा कि यह भविष्य ओर देखने वाला, दूरगामी है और इसे यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. मोदी ने रेल बजट पेश किए जाने के बाद ट्विटर पर लिखा, “रेल बजट 2015 भविष्य की ओर देखने वाला, दूरगामी और यात्री केंद्रित है, इसमें स्पष्ट दृष्टिकोण है और इसे प्राप्त करने के लिए इसमें निश्चित योजना भी है.”

वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री और पूर्व रेल मंत्री नीतीश कुमार ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु की ओर से गुरुवार को लोकसभा में पेश किए गए रेल बजट को अपूर्ण तथा अव्यवहारिक बताया है. पटना में संवाददाताओं से नीतीश ने कहा, “बजट भाषण में इरादों का प्रकटीकरण तो है, परंतु उसकी कार्ययोजना नहीं है. सुरक्षा की बात तो की गई है, परंतु सुरक्षा कैसे की जाएगी, इसकी चर्चा नहीं की गई है. रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा लोकसभा में अपना पहला बजट पेश करने के दौरान गुरुवार दोपहर भारतीय रेल से संबंधित कंपनियों के शेयर लुढ़क गए. टेक्समाको रेल ऐंड इंजीनियरिंग, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, कालिंदी रेल निर्माण, स्टोन इंडिया, टीटागढ़ वैगंस, कर्नेक्स माइक्रोसिस्टम्स और सिमको जैसी रेल संबंधित कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही.

हालांकि, इस दौरान हिंद रेक्टीफायर्स और ट्रांसफॉर्मर्स ऐंड रेक्टीफायर्स इंडिया के शेयरों में मजबूती रही.

बंबई स्टॉक एक्सचेंज में रेल के डिब्बों की निर्माता कंपनी टेक्समाको रेल ऐंड इंजीनियरिंग दोपहर 1.20 बजे 6.47 प्रतिशत के साथ 130.20 रुपये पर देखे गए, जबकि बुधवार को कंपनी का शेयर 139.20 रुपये पर बंद हुआ था.

कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का शेयर बुधवार को 1,573.60 रुपये के बंद स्तर के मुकाबले गुरुवार को 2.26 प्रतिशत लुढ़क कर 1,538 रुपये पर देखे गए.

कालिंदी रेल निर्माण का शेयर बुधवार को 140.80 रुपये के बंद स्तर की तुलना में गुरुवार को 6.89 प्रतिशत गिर कर 131.10 रुपये पर देखे गए.

रेल से संबंधित अन्य कंपनी स्टोन इंडिया का शेयर 8.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77.85 रुपये पर देखे गए. बुधवार को यह 84.85 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ था.

टीटागढ़ वैगंस के शेयरों पर भी बिकवाली दबाव देखा गया. कंपनी का शेयर 4.70 प्रतिशत लुढ़क कर 552 रुपये पर देखे गए.

कर्नेक्स माइक्रोसिस्टम्स का शेयर 0.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 46.50 रुपये पर देखे गए. कंपनी का शेयर बुधवार को 46.55 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ था.

सिमको का शेयर बुधवार को 76.50 रुपये के बंद स्तर के मुकाबले गुरुवार को 6.54 प्रतिशत लुढ़क कर 71.50 रुपये पर देखे गए.

हालांकि, ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टीफायर्स इंडिया और हिंद रेक्टीफायर्स के शेयरों में मजबूती रही.

बीएसई में ट्रांसफॉर्मर्स ऐंड रेक्टीफायर्स इंडिया का शेयर 0.80 प्रतिशत की बढ़त के साथ 188 रुपये पर देखे गए. बुधवार को कंपनी का शेयर 186.50 रुपये पर बंद हुआ था.

हिद रेक्टीफायर्स का शेयर बुधवार को 77.85 रुपये के बंद स्तर की तुलना में 1.73 प्रतिशत की मजबूती के साथ 79.20 रुपये पर देखे गए.

रेल की माली हालत को दुरुस्त रखने और स्थाई विकास को बढ़ाने के लिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा विभिन्न प्रस्तावों को निर्धारित करने के बावजूद गुरुवार को दोपहर बाद के कारोबारी सत्र में निवेशकों का रूझान कमजोर बना रहा.

रेल मंत्री ने निवेश बढ़ाने, नए रेल बुनियादी ढांचे के निर्माण और यात्री सुविधाओं में सुधार से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों की घोषणा की.

भारतीय रेल विश्व के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है. भारतीय रेल यात्रियों और मालभाड़े की बढ़ रही मांगों को पूरा करने के लिए निवेश और बुनियादी ढांचे में सुधार की कमी से जूझ रही है.

बाजार को उम्मीद है कि सार्वजनिक-निजी साझेदारी मॉडल के जरिए सरकार के बुनियादी ढांचागत विकास के प्रस्तावों के अनुरूप ही इस बजट से भारतीय रेल में वित्तीय स्थिरता आएगी और रेल के आधुनिकीकरण के लिए निवेश होगा.

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