कोटा के 44 प्रतापगढ़ में बंधक

Friday, March 7, 2014

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बिल्लीबंद के निवासी

रतनपुर | उस्मान कुरैशी: कोटा क्षेत्र के ग्राम बिल्लीबंद के 44 लोगों को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ जिले में बंधक बना लिया गया है. मामले की शिकायत ग्रामीणों ने कलेक्टर पुलिस अधीक्षक के साथ एसडीएम कोटा से की है. इस घटना ने एक बार फिर पलायन पर रोक लगने प्रशासन के दावों की पोल खोल कर रख दी है.

कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिल्लीबंद के 23 महिला पुरूष अपने 21 बच्चों के साथ नवम्बर 2013 में मजदूरी करने पलायन कर गए थे. ठेकेदार काम दिलाने के बहाने उन्हे उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ जिला के लालगंज थाना क्षेत्र के गांव भठनी मोहनपुर ले गया. यहां उसने ग्रामीणों को पवन कुमार मौर्य ईट भटठा में काम दिलवाया. कुछ दिनों तक तो सब ठीक चलता रहा.

बाद के दिनों में ईट भट्ठे का मालिक मजदूरों को परेशान कर मारपीट करने लगा. मजदूरी के पैसे देने में भी कमी करने लगा. राम कुमार बंजारे भी अपने परिवार के साथ कमाने खाने गया था. भट्ठा मालिक की प्रताड़ना से तंग आकर वह वहां से भाग निकला. बच्चे के साथ भागे रामकुमार मामले की शिकायत करने पुलिस चैकी रानीगंज भी गया था. यहां उसे डाटकर भगा दिया गया.

रामकुमार के मुताबिक ठेकेदार आए दिन मजदूरों से मारपीट कर करता है. मांगने पर मजदूरी भी नही दे रहा है. कहीं आने जाने भी नही दे रहा है. सभी मजदूरों को परिवार सहित बंधक बना कर रख लिया है. मैं सब्जी लेने के बहाने अपने बच्चे के साथ यहां भाग आया.

रामकुमार ने गांव पहुचकर सारी जानकारी बंधक बने मजदूरों के परिवारों को दी . मंगलवार 4 मार्च को ग्रामीणों ने घटना की लिखित शिकायत कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से की हैं. बंधक बने मजदूरों में सुरूज बाई के दो जेठ जेठानी व उनके कच्चे भी फंसे हुए है. जल्दी कार्रवाई नही होने से परेशान वे भी ग्रामीणों के साथ गुरूवार की दोपहर एसडीएम कोटा से गुहार लगाने पहुंचे थी.

मामले पर एसडीएम कोटा राजेन्द्र गुप्ता का कहना है कि ग्रामीणों ने लिखित शिकायत की है. मामले पर टी आई कोटा से चर्चा की है जिसमें उन्होने मजदूरों को छुड़ाने एक टीम के गठन करने की जानकारी दी है. मै भी पहल कर रहा हुं.

उन्होंने कहा कि इस मामले में श्रम विभाग से भी चर्चा की जाएगी. कलक्टर से भी कार्रवाई के लिए अनुरोध किया जाएगा. मजदूरों के पलायन के सवाल पर श्री गुप्ता ने कहा कि यह पलायन नही है. लोग रूटीन में ईट भट्ठों में काम करने जाते है. सभी ग्राम पंचायतों में जरूरत से ज्यादा काम उपलब्ध है.

क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य दीपक रजक का कहना है कि गांव के लोगों की मांग के अनुरूप काम उपलब्ध नही कराया जा रहा है. काम नही होने की वजह से पलायन की स्थिति बनती है. लोगों को प्र्याप्त रूप से काम मिलेगा तो फिर क्यों कोई घर बार छोड़कर दूर खाने कमाने जाएगा.

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