फेलिन से पहले तटीय इलाकों में भारी बारिश

Saturday, October 12, 2013

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चक्रवात

भुवनेश्वर | एजेंसी: चक्रवाती तूफान फेलिन के ओडिशा-आंध्र के तटीय इलाकों के पास पहुँचते ही वहां भारी बारिश हो रही है. बंगाल की खाड़ी में उठा यह भयंकर तूफान जैसै-जैसे आगे बढ़ते जा रहा है, इन इलाकों में तेज आंधी के साथ हो रही बारिश के चलते आम जनजीवन अस्तव्यस्त होता जा रहा है.

मौसम विभाग के अधिकारियों ने आशंका व्यक्त की है कि फेलिन शनिवार शाम तक तट से टकरा जाएगा. ओडिशा और तटीय आंध्र के लिए चेतावनी जारी करते हुए भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि फेलिन गोपालपुर से 260 किलोमीटर दक्षिण पूर्व और पारादीप से 300 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में स्थित है.

विभाग ने कहा कि यह तूफान उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और इसके कलिंगपट्टनम और पारादीप के बीच आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट को शाम तक पार करने की आशंका है. इस तूफान में हवा की गति 210-240 किलोमीटर प्रति घंटा होने की आशंका है.

अधिकारियों का कहना है कि यह काफी बड़ा तूफान है और इसके शाम छह से आठ बजे के बीच तट तक पहुंचने की संभावना है. तट तक पहुंचने के करीब छह घंटे तक इसका प्रभाव रहने की आशंका है.

शुक्रवार रात को ओडिशा और आंध्र के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ करीब 10 सेंटीमीटर वर्षा हुई. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के भीतर तटीय ओडिशा, तटीय आंध्र और पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है.

ओडिशा-आंध्र के तटीय क्षेत्रों में हवाओं की गति 70-80 किलोमीटर प्रतिघंटा पहुंच गई है. दोपहर तक इसके 100-150 किलोमीटर प्रति घंटा और शाम को तूफान के तट पर पहुंचने पर 210-235 किलोमीटर प्रतिघंटा होने की संभावना है.

ओडिशा राज्य के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप कुमार महापात्रा ने कहा कि लगभग तीन लाख लोगों को अब तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और अगले कुछ घंटों में ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया जाएगा.

तूफान से ओडिशा के गंजाम, गजपति, खोरधा, पुरी एवं जगदीशपुर जिलों के तटीय इलाकों में भयानक तबाही की आशंका है, जबकि राज्य के अन्य जिलों में भी भारी वर्षा और बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो सकती है.

स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सप्ताह भर पहले बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने के लिए गए 18 मछुआरों का दल पुरी जिले के अष्टारंगा इलाके में तूफान में फंस गया था और उन्हें बचाने के लिए तट रक्षकों को भेजा गया था.

राज्य में अधिकांश निचले इलाकों में भारी वर्षा के कारण जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है. इसी तरह गंजाम एवं जगदीशपुर जिलों में कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित हो रहा है. बिजली के तार भी भारी वर्षा की चपेट में हैं.

राज्य सरकार ने कहा कि सरकार ने चक्रवात से निपटने के पूरे इंतजाम कर लिए हैं. चक्रवात राहत केंद्रों में पहले से खाद्य सामग्रियां और दूसरी आवश्यकता की चीजें पर्याप्त मात्रा में जमा कर ली गई हैं, ताकि ऐन वक्त पर लोगों को परेशानी न हो.

राहत एवं बचाव अधिकारी संकटग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचकर काम शुरू कर चुके हैं. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कम से कम 20 दल संकटग्रस्त क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर और 20 दलों को भेजने की भी तैयारी है.

राजधानी भुवनेश्वर के बीजू पटनायक हवाईअड्डे के आंधी और बारिश से प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में 10 हेलीकॉप्टर राहत सामग्री ले जाने के लिए तैयार किए गए हैं.

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