पाक उच्चायुक्त के न्योते पर बवाल

Monday, August 18, 2014

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अब्दुल बासित-पाकिस्तानी उच्चायुक्त

नई दिल्ली | एजेंसी: भारत में पाक उच्चायुक्त द्वारा अलगाववादियों को न्यौता देने से बवाल मच गया है. भारत-पाकिस्तान के बीच होने जा रही विदेश सचिव स्तर की वार्ता से ऐन पहले पाकिस्तान के नई दिल्ली स्थित उच्चायुक्त अब्दुल बासित द्वारा कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को बातचीत का न्योता दिए जाने पर रविवार को राजनीतिक गलियारे में बवाल मच गया. कांग्रेस ने सरकार पर ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया तो भारतीय जनता पार्टी ने इसे पुरानी युक्ति करार दिया है.

कांग्रेस ने रविवार को सरकार से पूछा कि पाकिस्तानी उच्चायुक्त के कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को वार्ता के लिए बुलाए जाने की स्थिति में भारत क्यों विदेश सचिव स्तर की बैठक करने जा रहा है.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि विदेश सचिव सुजाता सिंह के पाकिस्तान दौरे से पहले बासित को अलगाववादी नेताओं के साथ बातचीत करने देना कूटनीति की कमी को दर्शाता है.

तिवारी ने टाइम्स नाउ चैनल से कहा, “पाकिस्तानी उच्चायुक्त अलगाववादियों को वार्ता के लिए बुला रहे हैं. कूटनीति कहां चली गई? क्या सरकार पाकिस्तान के रवैये का समर्थन कर रही है?”

उन्होंने कहा कि सरकार को 18-19 अगस्त को बासित और अलगाववादी नेताओं के बीच होने वाली बैठक के मुद्दे की जानकारी देनी चाहिए.

सुजाता सिंह 25 अगस्त को पाकिस्तान दौरे पर रहेंगी, जहां वह अपने समकक्ष एजाज अहमद से मुलाकात करेंगी.

उनके दौरे से पहले हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक और सैयद गिलानी को बासित ने दिल्ली में मुलाकात के लिए बुलाया है.

पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने सरकार पर दोहरा मानदंड रखने का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा कि विदेश सचिव स्तर की वार्ता का फैसला करना भाजपा के विपक्ष में रहने के दौरान पाकिस्तान के साथ वार्ता का विरोध करने वाले बयान से बिल्कुल अलग है.

खुर्शीद ने सवाल किया, “भाजपा लगातार कहती रही है कि आतंकवाद और वार्ता साथ-साथ नहीं हो सकती. क्या वह सब कुछ भूल गई है.”

भाजपा प्रवक्ता एम. जे. अकबर ने हालांकि कहा कि पाकिस्तान की ‘भाव भंगिमा’ असहमति के मुद्दे तलाशने वाली पुरानी ‘युक्ति’ की तरफ है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि दोनों देशों की सरकारों का साझा उद्देश्य गरीबी उन्मूलन होना चाहिए और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब पड़ोस में लाभकारी चीजें सामने आती हैं तो पाकिस्तान असंभव स्थिति पैदा कर बाधा उत्पन्न करता है.

इस बीच उदारवादी हुर्रियत कान्फ्रेंस के एक पदाधिकारी ने कहा कि उसके अध्यक्ष मीरवायज उमर फारूक के साथ ही साथ उदारवादी गुट के सदस्यों को पाकिस्तान उच्चायोग का न्योता मिला है.

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