शिवराज की पत्नी को खदान नहीं

Thursday, June 11, 2015

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शिवराज सिंह चौहान

भोपाल | एजेंसी: मध्य प्रदेश सरकार ने सीएम शिवराज की पत्नी को खदान आवंटित करने के आरोप को कांग्रेस का झूठ करार दिया. मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार को कांग्रेस के इस आरोप को नकार दिया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पद का दुरुपयोग कर अपनी पत्नी साधना सिंह के आधिपत्य वाली कंपनी एसएस मिनरल्स को बालाघाट जिले में मैगनीज खदान आवंटित किया है. सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री या उनकी पत्नी की कोई कंपनी ही नहीं है, कांग्रेस के आरोप झूठे व निराधार हैं.

इससे पहले दिन में, भोपाल में एक संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस की प्रदेश इकाई के मुख्य प्रवक्ता के.के. मिश्र ने कहा कि सत्ता में रहते हुए मुख्यमंत्री या उनकी पत्नी लाभ अर्जित नहीं कर सकते, मगर इस नियम को दरकिनार करते हुए एसएस मिनरल्स को बालाघाट जिले के पौनिया गांव में 17.9 एकड़ क्षेत्र की मैगनीज खदान 2007 में 10 वर्षो के लिए आवंटित की गई है. इस कंपनी का प्रोपराइटर के तौर पर एस.एस. चौहान पत्नी शिवराज सिंह चौहान अंकित है.

मिश्रा ने कहा कि जब खदान आवंटित की गई थी तब प्रोसेसिंग यूनिट लगाने का भी अनुबंध हुआ था, मगर अब तक यह यूनिट नहीं लगाई गई है. इतना ही नहीं, खनिज पट्टा के नियमों व शर्तो का भी पालन नहीं किया गया है. इस गंभीर दुराचरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराई जानी चाहिए.

मिश्रा का आरोप है कि एसएस मिनरल्स को आवंटित खदान रिजर्व फॉरेस्ट में है, इसे भारत सरकार ने मैगनीज ओर इंडिया लिमिटेड के लिए सुरक्षित रखा है. यह खदान जब आवंटित की गई तब मुख्यमंत्री चौहान के पास खनिज विभाग का भी प्रभार था.

कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा कि यह खदान आवंटन दुराचरण और आपराधिक षड्यंत्र था. इसमें बालाघाट के तत्कालीन जिलाधिकारी गुलशन बामरा, खनिज अधिकारी प्रकाश राय और तत्कालीन प्रमुख सचिव खनिज एस.के. मिश्रा शामिल हैं. लिहाजा, इन अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए.

कांग्रेस के इन आरोपों का जवाब देने के लिए सरकार की ओर से उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता सामने आए. उन्होंने बालाघाट जिले में आवंटित की गई खदानों के 1991 से 2014 तक के दस्तावेज जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस ने जिस गांव का जिक्र किया है, वहां मैगनीज खदान ही नहीं है. साथ ही जो खसरा नंबर बताया गया है वह जगनटोला में है और वह खदान लीला भलावी के नाम आवंटित है. उस खदान पर उनके बेटे अशोक उईके का आधिपत्य है.

गुप्ता ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बालघाट में कोई खदान एसएस मिनरल्स को नहीं दी गई है, जब पूछा गया कि इस नाम की कोई संस्था है तो उन्होंने जानकारी से इनकार किया. साथ ही दावा किया कि मुख्यमंत्री या उनकी पत्नी साधना सिंह की कोई फर्म नहीं है.

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस को शिवराज-फोबिया है और वह उन पर यूं ही तरह-तरह के आरोप लगाती रहती है.

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