दिल के दौरे की नई दवा

Friday, October 17, 2014

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हृदयाघात

न्यूयॉर्क | एजेंसी: भारतीय मूल के वैज्ञानिक अर्जुन देब ने दिल के दौरे के बाद उपचार करने के लिये नई खोज की है. मनुष्य के दिल में कुछ कोशिकाएं ऐसी भी होती हैं, जिसकी क्षमता उन कोशिकाओं में बदलने की होती है, जो रक्त नलिका बनाने का काम करती हैं. इस प्रकार ये कोशिकाएं दिल के दौरे के बाद हुए घाव को भरने में सहायता कर सकती हैं. भारतीय मूल के एक शोधकर्ता द्वारा शोध के दौरान यह बात सामने आई है. इससे दिल के दौरे के प्रभावी इलाज का एक नया रास्ता खुला है.

शोधकर्ताओं के दल ने यह भी पाया है कि दवाओं से कोशिकाओं की इस प्रवृत्ति को बढ़ाया जा सकता है. इस प्रकार दिल के दौरे के बाद दिल के ठीक होने की प्रक्रिया में जल्द सुधार लाया जा सकता है.

अमरीका के लॉस एंजेल्स स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में मेडिसिन के प्रोफेसर अर्जुन देब ने कहा, “हमारे निष्कर्ष में यह बात सामने आई है कि दिल में स्थित कुछ कोशिकाएं अपनी मूल पहचान को बदलकर रक्त नलिका बनाने वाली कोशिकाओं में परिवर्तित हो जाती है. इस प्रक्रिया में तेजी लाकर दिल को ठीक करने में हमें सहायता मिल सकती है.”

देब ने कहा, “यह सर्वविदित है कि घायल दिल में रक्त नलिकाओं की संख्या बढ़ाकर उसकी स्थिति में सुधार लाया जा सकता है.”

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