1200 रु. में आधे घंटे हवाई सफर

Thursday, June 16, 2016

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विमानन नीति

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: नई विमानन नीति के अनुसार आधे घंटे के सफर के लिये 1200 रुपये लगेगा. बुधवार को केन्द्र सरकार ने नये विमानन नीति की घोषणा की है. इसके अलावा एक घंटे के सफर के लिए अधितकम किराया 2500 रुपए से ज्यादा नहीं होगा, विमान कंपनियों को 2,500 रुपए से ज्यादा की कीमत आने पर सरकार छूट देगी. इस नीति के लागू हो जाने के बाद दिल्ली से 2500 रुपयों में करीब 25 शहरों की हवाई यात्रा की जा सकेगी. लेकिन उन्हीं राज्यों में 1 घंटे तक के सफर के लिए 2500 रुपये किराये वाली स्कीम लागू होगी जहां पर राज्य एटीएफ पर 1 फीसदी या उससे कम वैट ले रहे हैं. बहरहाल, इससे हवाई यात्रा करने वालों की बल्ले-बल्ले हो गई है.

केंद्र सरकार ने बुधवार को नई नागरिक उड्डयन नीति को मंजूरी दे दी, जिसमें हवाई यात्रा को किफायती और सुविधाजनक बनाने के साथ ही अगले पांच साल में 30 करोड़ हवाई यात्रियों को सेवा देने लायक अवसंरचना तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन करने से संबंधित नियमों में भी संशोधन किया गया है. नीति में क्षेत्रीय घरेलू उड़ानों को बढ़ावा देने के लिए प्रति घंटे की हवाई यात्रा के लिए प्रति टिकट 2,500 रुपये किराए का प्रस्ताव रखा गया है.

नई नीति में 5/20 नियम में बदलाव किया गया है. इस नियम के तहत अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन करने के लिए किसी भी घरेलू कंपनी के पास घरेलू मार्ग पर कम से कम पांच साल संचालन का अनुभव और कम से कम 20 विमानों के बेड़े की शर्त है. नई नीति में पांच साल के अनुभव की शर्त हटा दी गई है, लेकिन विमानन कंपनी को कम से कम 20 विमान रखना होगा और 20 फीसदी उड़ानों का संचालन घरेलू मार्ग पर करना होगा.

नई नीति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय बैठक में मंजूरी दी गई.

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री पुसपति अशोक गजपति राजू ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि देश के पास एक एकीकृत नागरिक उड्डयन नीति है.

नई नीति में भारत को यात्री संख्या के मामले में अगले एक दशक में तीन सबसे बड़े विमानन बाजार में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है. अभी भारत का 10वां स्थान है. इसके साथ ही कार्गो, रखरखाव, चार्टर सेवा और विनिर्माण को भी बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है.

नई नीति में मोटे तौर पर हवाईअड्डों का उन्नयन, क्षेत्रीय सेवाओं में वृद्धि, अंतर्राष्ट्रीय उड़ान संचालन के नियम का सरलीकरण, कार्गो हब का विकास, हेलीकॉप्टर सेवाएं, रखरखाव, ग्राउंड हैंडलिंग तथा सुरक्षा में निवेश आकर्षित करना जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया है.

अधिकारियों ने कहा कि हेलीकॉप्टर तथा पायलटों की अधिक आपूर्ति के उपयोग जैसे विषयों पर नियम अलग से जारी किए जाएंगे.

नई नीति में सभी विमानन कंपनियों को ग्राउंड हैंडलिंग की अनुमति दे दी गई. इसके अलावा तीन स्वतंत्र ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियां होंगी, जिसमें एयर इंडिया से जुड़ी एजेंसी भी शामिल है.

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