वायुसेना के हेलिकॉप्टर पर नक्सल फायरिंग

Wednesday, April 17, 2013

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ध्रुव हेलिकॉप्टर

सुकमा | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बासागुड़ा में वायुसेना के हेलिकॉप्टर पर नक्सलियों द्वारा फ़ायरिंग की खबर है. फायरिंग के बाद भद्राचलम में हेलिकॉप्टर सुरक्षित उतार लिया गया है. हेलिकॉप्टर पर 10 से 12 राउंड फ़ायरिंग हुई है. सूत्रों के मुताबिक इस फायरिंग से हेलिकॉप्टर को कोई नुकसान नहीं हुआ है.

मिली जानकारी के अनुसार पामेड़ से 12 किलोमीटर दूर बीरगट्टी में सेना के हेलिकॉप्टर पर यह फायरिंग हुआ. उकल सुबह बीजापुर जिले के पामेड़ थाना क्षेत्र में आंध्र व छत्तीसगढ़ पुलिस ने ज्वाईंट आपरेशन में नौ नक्सलियों को मार गिराया था. इस आपरेशन में आंध्र गे्रहाऊंड दस्ते के लगभग 100 पुलिस कर्मियों ने हिस्सा लिया था. इन जवानों को आज सुबह से हेलिकॉप्टर से वापस आंध्रप्रदेश ले जाने का क्रम जारी है. शाम लगभग साढ़े चार बजे जब हेलिकॉप्टर अंतिम बार जवानों को लेकर उड़ान भरने वाला था, तभी पहाडिय़ों की ओट में छिपे नक्सलियों ने हेलिकाप्टर पर निशाना साधते हुए फायरिंग की. फायरिंग के बाद भी यह हेलिकॉप्टर उड़ान भरकर आंध्र प्रदेश पहुंच गया.

एक अन्य सूत्र के अनुसार इस अभियान में शामिल ग्रे हाउण्ड के 5 जवानों को ढंूढने यह हेलिकॉप्टर आज गया हुआ था. आंध्र मीडिया में इस अभियान में शामिल 5 जवानों के लापता होने की खबरें हैं. इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी कि ये जवान भटक गए थे या फिर वहीं रुके हुए थे. इन जवानों को साथ लेकर यह हेलिकॉप्टर लौटा या नहीं, इसका पता नहीं चल सका है.

इधर समाचार चैनल एनडीटीवी के अनुसार हेलिकॉप्टर में ग्रेहाउंड कमांडो थे जिन्हें लेकर वह लौटा. भद्राचलम में हेलिकॉप्टर सुरक्षित उतार लिया गया है.

ज्ञात हो कि 18 जनवरी 2013 को सुकमा जिले में वायु सेना के हेलिकॉप्टर पर भी नक्सलियों ने फायरिंग किया जिससे उसमें सवार वायरलेस ऑपरेटर आरक्षक यमलाल साहू को गोली लगी. इसके बाद तिमिलवाड़ा के पास बीच जंगल में हेलिकॉप्टर को एमरजेंसी लैंडिंग कराया गया. ऑपरेटर एमआर साहू को हेलिकॉप्टर में घायल छोड़कर चले जाने के वायुसेना अफसरों के फैसले पर बवाल मच गया था.

इस मुद्दे को लेकर वायुसेना और नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई कर रही फोर्स आमने-सामने आ गए थे कि लैंडिंग के बाद वायुसेना के पायलटों और कमांडों समेत छह लोगों ने अपनी जान बचाने की चिंता की. वे सभी तो पैदल चिंतागुफा की तरफ निकल गए, पर हेलिकॉप्टर में घायल पड़े वायरलेस ऑपरेटर की फिक्र उन्होंने नहीं की. साहू के जख्मों से खून बह रहा था. वह ज्यादा खून बहने से मर सकता था. अगर नक्सली सीआरपीएफ के जवानों से पहले वहां पहुंच जाते, तो वह उसकी हत्या कर सकते थे. हेलिकाप्टर में आधुनिकतम हथियार भी रखे हुए थे.

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