लोकतंत्र की ताक़त समझें माओवादी

Friday, March 28, 2014

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नरेंद्र मोदी-प्रधानमंत्री

जगदलपुर | संवाददाता: नरेंद्र मोदी ने कहा है कि माओवादियों को लोकतंत्र की ताकत समझना चाहिये. उन्होंने कहा कि माओवाद ने धरती को खून से रंग दिया है पर पाबंदी के बावजूद लोकतंत्र पर विश्वास रखने वाले लोग यहां रहते हैं और मतदान करते हैं. मोदी ने कहा कि लोगों को मारने-मरने का वक्त चला गया है. नक्सली समाज के वंचितों की चिंता करें जिसका एक ही मंत्र है विकास, जो सभी समस्याओं का समाधान है.

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी शुक्रवार को कोंडागांव के स्टेडियम ग्राउंड में विशाल चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे. मोदी ने कांग्रेस के 10 साल के शासन पर तीखे हमले करते कहा कि महंगाई, भ्रष्टाचार व शोषण के खात्मे के लिए भारत विजय रैली का आयोजन किया जा रहा है. मोदी ने कहा कि यह पहला चुनाव है, जो प्रत्याशी या दल नहीं बल्कि पूरा देश लड़ रहा है क्योंकि देश की जनता दिल्ली सरकार को सजा देने के मूड में है.

उन्होंने कहा कि कहीं मोदी न आ जाए इसलिए लोग गोलबंद हो रहे हैं. यह डर इसलिए है कि क्योंकि सत्ता का स्वाद चख चुके लोगों का पाप उन्हें परेशान कर रहा है. 16 मई के बाद उनकी जगह कहां होगी यह उन्हें पता है. उन्होंने कहा कि चुनाव का नतीजा साफ दिख रहा है. देश की जनता कांग्रेस को ज्यादा झेलने को तैयार नहीं है उनके पाप का घड़ा भर चुका है.

नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र को धोखा पत्र करार देते हुये कहा कि कांग्रेस ने 2009 में 100 दिन में महंगाई कम करने की घोषणा कर जनता को धोखा दिया है. 10 साल में भ्रष्टाचार के पुराने सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं.

मोदी ने कहा कि देश मे 40 प्रतिशत आदिवासी छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश व राजस्थान में निवासरत है. आदिवासी कल्याण की शुरूआत भाजपा के शासनकाल में हुई है. कांग्रेस शासित प्रदेशों में आदिवासियों का विकास नजर नहीं आता क्योंकि वे आदिवासी को महज वोट का खजाना समझते हैं. उन्होंने कहा कि देश की जनता को यह फैसला करना है कि उन्हें सोने का चम्मच लेकर पैदा होने वाला शासक चाहिए या चाय बेचने वाला जनता का सेवक.

सभा को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के अलावा राज्य के दूसरे नेताओं ने भी संबोधित किया.

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