छत्तीसगढ़ पुलिस को करोड़ों की क्षति

Monday, April 25, 2016

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छत्तीसगढ़ पुलिस

रायपुर | विशेष संवाददाता: छत्तीसगढ़ पुलिस की जरा सी लापरवाही के कारण एक साल में करोड़ों का नुकसान हुआ है. इसका खुलासा नियंत्रक एवं महालेखाकार की आडिट से उजागार हुआ है. कैग की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड को एक साल में 5.98 करोड़ रुपयों का नुकसान हुआ है.

कैग की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड को फरवरी 2013 से मार्च 2014 के बीच अपने बैंकों में जमा रुपयों से इतने के अतिरिक्त ब्याज का नुकसान उठाना पड़ा है.

छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में तीन अकाउंट, इंडियन ओवरसीज बैंक में तीन अकाउंट, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया तथा एक्सिस बैंक में तीन-तीन अकाउंट, कोटाक महिन्द्रा बैंक में दो अकाउंट, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इंडस बैंक तथा एचडीएफसी बैंक में दो-दो अकाउंट है. इसके अलावा आईडीआई बैंक, आईएनजी वैश्य बैंक, यस बैंक तथा इंडियन बैंकों में भी अकाउंट है.

31 मार्च 2014 की तारीख में छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड का 13 बैंकों में 21 सेविंग अकाउंट तथा 3 करंट अकाउंट था.

इन अकाउंटों में केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा पुलिस चौकी, भवन तथा आवासीय घर बनाने के लिये दी गई रकम को जमा रखा जाता है. चूंकि केन्द्र तथा राज्य द्वारा धन मिलने के बाद खर्च का आकलन, उसकी स्वीकृति तथा टेंडर के पश्चात ही रकम खर्च की जाती है इसलिये ये पैसा बैंकों में ही कुछ समय तक के लिये जमा रहता है.

बैंकों में ऑटो स्वीप फेसिलिटी मिलती है. जिसके तहत एक सीमा तक जमा रकम के ऊपर इस योजना के अनुसार फिक्स डिपॉजिट के बराबर की ब्याज मिलती है. परन्तु हैरत की बात है कि छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड ने केवल दो करंट अकाउंट में ही इस योजना का लाभ उठाया. पहला पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट नंबर 611400C400000018 तथा स्टेट बैंक के अकाउंट नंबर 32260616504 पर.

इस तरह से बाकी के बैंक अकाउंट में जमा धनराशि पर साधारण ब्याज मिला, जिससे छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड को 5.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ब्याज न मिल सका. कैग ने छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के 21 अकाउंट में से 16 का अवलोकन करके यह निष्कर्ष निकाला है.

कैग के अवलोकन के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अगस्त 2015 से अपने सभी अकाउंट में ऑटो स्वीप फेसेलिटी ले ली है. राज्य सरकार ने भी कैग के इस अवलोकन को सही माना है.

कुल मिलाकर लापरवाही के कारण छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड को 5.98 करोड़ रुपयों का नुसान उठाना पड़ा.

जिन बैंक अकाउंट से छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड को नुकसान हुआ वे हैं-

1) पंजाब नेशनल बैंक, सेविंग अकाउंट- 62,36,828 रुपये.

2) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सेविंग अकाउंट- 22,78,692 रुपये.

3) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सेविंग अकाउंट- 5,04,321 रुपये.

4) एक्सिस बैंक, सेविंग अकाउंट- 12,53,013 रुपये.

5) एक्सिस बैंक, सेविंग अकाउंट- 30,93,830 रुपये.

6) कोटक महेन्द्रा, सेविंग बैंक- 3,23,694 रुपये.

7) कोटक महेन्द्रा, सेविंग बैंक- 19,30,816 रुपये.

8) एचडीएफसी, सेविंग बैंक- 60,38,241 रुपये.

9) एचडीएफसी, सेविंग बैंक- 17886821 रुपये.

10) एचडीएफसी, करंट अकाउंट- 24,50,239 रुपये.

11) इंडियन ओवरसीज बैंक, सेविंग अकाउंट- 48,82,642 रुपये.

12) इंडियन ओवरसीज बैंक, सेविंग अकाउंट- 13,19,933 रुपये.

13) इंडियन ओवरसीज बैंक, सेविंग अकाउंट- 4,42,593 रुपये.

14) आईडीबीआई, सेविंग अकाउंट- 17,11,975 रुपये.

15) सेट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सेविंग अकाउंट- 37,53,185 रुपये.

16) आईसीआईसीआई बैंक, सेविंग अकाउंट- 56,56,500 रुपये.

कुल- 5,97,63,321 रुपये.

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