मोदी पीएम इन वेटिंग रहेंगे: सपा

Sunday, October 20, 2013

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नरेंद्र मोदी-प्रधानमंत्री

लखनऊ | एजेंसी: मोदी के कानपुर रैली को कांग्रेस ने सर्कस करार दिया है. वहीं समाजवादी पार्टी ने कहा है कि मोदी कभी प्रधानमंत्री नही बन सकेगे. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता एवं मंत्री राजेंद्र चौधरी ने कहा कि भाजपा के ‘भीष्म पितामह’ लालकृष्ण आडवाणी की तरह मोदी भी हमेशा ‘पीएम इन वेटिंग’ ही रह जाएंगे.

गौरतलब है कि शनिवार को कानपुर में मोदी की रैली हुई, जिसकी बड़े पैमाने पर तैयारी और व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था. चौधरी ने कहा कि कारपोरेट जगत भाजपा के साथ मिलकर देश में छाने की ‘साजिश’ रच रहा है. मंत्री ने कहा, “लोग गुजरात के मुख्यमंत्री के बजाय हमेशा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विकास मॉडल को पसंद करेंगे.”

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता जीशान हैदर ने नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में गरीबों की सरकार बनाने का दावा करने पर कहा कि जिन नरेन्द्र मोदी को देश के अमीर लोग और कापोर्रेट जगत चला रहा है वह कैसे देश में गरीबों की सरकार लाने का दावा कर रहे हैं यह एक आम आदमी की सोच से परे है.

हैदर ने मोदी के इंडिया फस्ट होना चाहिए पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि गुजरात दंगों के समय इंडिया फस्ट क्यों नहीं था. साथ ही उन्होंने कहा कि जब से नरेन्द्र मोदी ने अपने सबसे प्रिय अमित शाह को उत्तर प्रदेश को दिशा दिखाने का काम सौंपा है तब से उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक दंगों की शुरूआत हुई है, जिसमें मुजफ्फरनगर का दंगा भी शामिल है तो उनको मंच पर बैठे अमित शाह से भी पूछना चाहिए था कि आप जहां भी जाते हैं वहां दंगे क्यों शुरू हो जाते हैं.

मीडिया के माध्यम से नरेन्द्र मोदी की कानपुर में आयोजित रैली में भारतीय जनता पार्टी द्वारा 4 से 5 करोड़ रुपये खर्च करने की बात पर हैदर ने कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि वह इतनी बड़ी धनराशि कहां से खर्च कर रही है उसका हिसाब दें.

उन्होंने कहा कि यही नहीं उत्तर प्रदेश में उनकी ऐसी ही 80 रैलियां प्रस्तावित हैं इसके लिए 400-500 करोड़ रुपये तक खर्च होने का अनुमान है ये कहां से लाएंगे इसका उन्हें देश की जनता को हिसाब देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि नहीं तो देश की जागरूक जनता हिसाब लेना जानती है और वह आगामी लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को इसका जवाब अवश्य देगी. उन्होंने कहा कि क्यों कि भाजपा की रैली में बिना पैसे के भीड़ इकट्ठी नहीं की जा सकती.

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