सितारा देवी का कथक में अतुल्य योगदान

Tuesday, November 25, 2014

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कथक नृत्यांगना सितारा देवी

मुंबई | मनोरंजन डेस्क: सितारा देवी के निधन से दुखद मोदी ने उनके कथक के प्रति अतुल्य योगदान के लिये उनका आभार माना है. सितारा देवी का अँतिम संस्कार गुरुवार को होगा. उल्लेखनीय है कि प्रख्यात कथक नृत्यांगना सितारा देवी का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार तड़के मुंबई के जसलोक अस्पताल में निधन हो गया. वह 94 वर्ष की थीं. सितारा देवी के दामाद राजेश मिश्रा ने का कि जसलोक अस्पताल में सितारा देवी वेंटिलेटर पर थीं. सोमवार को उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई थी.

उन्होंने बताया, “वह नहीं रहीं. उनका अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह होगा. हम उनके बेटे का इंतजार कर रहे हैं, जो कि एक शो के लिए विदेश गए हैं.”

सितारा देवी पहले कम्बाला हिल अस्पताल में भर्ती थीं. बाद में उन्हें जसलोक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय ने एक ट्विट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितारा देवी के निधन पर शोक जताया और कथक में उनके अतुल्य योगदान को याद किया.

संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, पद्मश्री और कालिदास सम्मान जैसे पुरस्कारों से सम्मानित सितारा देवी का जन्म 1920 में कोलकाता के कथक पंडित सुखदेव महाराज के परिवार में हुआ था.

सितारा 11 वर्ष की थीं, तभी उनका परिवार मुंबई आकर बस गया था. यहां उन्होंने अपने तीन घंटे के एकल गायन से नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्र नाथ टैगोर को प्रभावित किया था.

अगले छह दशकों में वह कथक नृत्य शैली की दिग्गज नृत्यांगना बन गईं. बॉलीवुड में कथक शैली को लाने का श्रेय सितारा देवी को ही दिया जाता है. सितारा देवी के नृत्य को देखकर भारत के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर ने उन्हे अपनी तरफ से ईनाम दिया था.

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