मोदी, मित्रवत-जानकार इंसान: भूटान

Sunday, June 15, 2014

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नरेन्द्र मोदी-पीएम

शिंपू | समाचार डेस्क: मोदी के विदेश दौरे की स्वभाविक पसंद भूटान है. रविवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने पहली विदेश यात्रा पर भूटान पहुंचे हैं. उनके साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और विदेश सचिव सुजाता सिंह मौजूद हैं.

प्रधानमंत्री मोदी के इस यात्रा से भूटान ने काफी उम्मीदें लगा रखी हैं. वहां के मीडिया में भी नरेन्द्र मोदी छाये हुए हैं. ‘द भूटानीज’ समाचार पत्र के मुताबिक, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टॉबगे ने कहा कि हालांकि, मोदी के साथ मुलाकात के दौरान किसी विशेष मुद्दे पर बात नहीं होगी, लेकिन भारत की तरफ से भूटान को मिलने वाले सहयोग पर चर्चा की जाएगी.

वहीं भूटान के प्रधानमंत्री टॉबगे ने मोदी के बारे में कहा, “उनका व्यवहार मित्रवत हैं और जानकार इंसान हैं तथा भूटान के प्रति उनका रवैया अच्छा है. वह हमारे राजा को काफी सम्मान देते हैं. उन्हें भारत-भूटान संबंध के बारे में पूरी जानकारी है और वह लक्ष्य व उम्मीद का माहौल पैदा करते हैं.”

गौरतलब है कि भूटान, भारत तथा चीन के बीच में स्थित है इसलिये भारत के लिये उसका रणनीतिक तथा सामरिक महत्व है. पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के समय से ही भारत, भूटान की आर्थिक तथा तकनीकी रूप से सहायता करता आया है. भूटान और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2012 में 6830 करोड़ रूपयों का हुआ.

भूटान की हाइड्रो-पावर योजना भारत पर निर्भर करती है. इसके अलावा भूटान की पन बिजली योजना का भी भारत साझेदार है. इसे भूटान के प्रधानमंत्री के इस बात से समझा जा सकता है “मोदी ने कुछ पनबिजली परियोजना की देरी पर चिंता जताई है. थिंपू में भी इस पर चिंता जताई गई है, क्योंकि सरकार जल्द से जल्द बड़ी परियोजनाओं को शुरू करने और पूरा करने के लिए उत्सुक हैं.”

इसके अलावा भूटान की पंच वर्षीय योजना में भारत हमेशा से ही मदद करता आया है. 2013 से 2018 तक भूटान की 11वीं पंचवर्षीय योजना के लिए भारत ने 4500 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद का वादा किया है. हाइड्रो पावर, शिक्षा, सूचना तकनीक, स्वास्थ्य, कृषि, और इनफ्रास्ट्रकचर से जुड़े क्षेत्रों में पहले से ही भूटान में भारत का योगदान रहा है.

भूटान के लोग इस बात से खासे खुश हैं कि भारत के प्रधानमंत्री ने चीन, जापान, पाकिस्तान के बजाये सबसे पहले भूटान आने का फैसला किया है. इससे भूटान के व्यापार जगत के लोगों को खासी उम्मीदें हैं. गत महीने मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भारत पहुंचे टॉबगे ने कन्फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री के अध्यक्ष से मुलाकात की थी और दोनों ने इस बात पर सहमति जताई थी कि वे एक दूसरे के देश की यात्रा करेंगे और भूटान में भारतीय निवेश को बढ़ावा देने की कार्य योजना तैयार करेंगे.

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक और प्रधानमंत्री शेरिंग टॉबगे के आमंत्रण पर 15-16 जून को थिंपू के दौरे पर हैं. सबसे पहले मोदी भूटान के राजा जिगमे खेसर नामगेल वांगचुक से मुलाकात करेंगे. इसके बाद वह प्रधानमंत्री सेरिंग तोबगे से आपसी रिश्तों पर गहन चर्चा करेंगे. भूटान पर 34 साल राज करने वाले राजा जिगमे सिंगे वांगचुक ताज ताशी होटल मोदी से मिलने आएंगे. मोदी के सम्मान में भूटान पीएम ने रात को ताज ताशी होटल में दावत रखी है.

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