खेल निधि के दुरुपयोग पर हाईकोर्ट में याचिका

Tuesday, December 24, 2013

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आदेश

दिल्ली | एजेंसी: दिल्ली उच्च न्यायालय ने खेल निधि को व्यक्तिगत राजनीतिक प्रचार पर खर्च करने के संदर्भ में खेल मंत्रालय से जवाब मांगा है.

न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह जवाब मांगा है. जनहित याचिका में राजनीतिज्ञों पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सरकार से मिले खेल निधि से करोड़ों रुपये अपने प्रचार पर खर्च किए.

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रामन्ना और न्यायाधीश मनमोहन की खंडपीठ ने पिछले सप्ताह केंद्रीय गृह मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा था.

राजीव बूलचंद ने अपनी जनहित याचिका में कहा है कि राजनीतिज्ञ खेल के लिए मिले रुपयों का उपयोग खिलाड़ियों एवं खेल के विकास के बजाय अपने प्रचार के लिए कर रहे हैं.

जनहित याचिका में मडिया में राजनीतिज्ञों के प्रचार पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम बनाने की मांग की गई है. इसके अलावा याचिका में केंद्र सरकार से देश के सर्वाधिक पैसे वाले खेल संघ बीसीसीआई को अपने नियंत्रण में लेने का अनुरोध भी किया गया है.

न्यायालय इस मामले की अगली सुनवाई अगले वर्ष 12 मार्च को करेगा.

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