मतदान के दिन सैकड़ों शादियां

Sunday, October 20, 2013

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शादी की रस्म

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के होने वाले मतदान को लेकर प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिक भी कशमकश की स्थिति में हैं. 19 नवंबर को सूबे की 73 विधानसभाओं के लिए मतदान होना है और 18 व 19 नवंबर को ही विवाह के श्रेष्ठ मुहूर्त भी हैं. ऐसे में भवनों, बसों आदि की बुकिंग को लेकर असमंजस की स्थिति है.

मतदान के दिन ही प्रदेश में सैकड़ों शादियां होने वाली हैं, जिससे मतदान प्रभावित होने का अंदेशा है. इसको लेकर राजनीतिक दल भी चिंतित नजर आ रहे हैं.

प्रशासन को शासकीय कार्यालयों में प्रशिक्षण शुरू करना है और बसों को अधिगृहीत करना है, ऐसे में लोगों को विवाह भवन तथा बसों के लिए परेशान होना पड़ सकता है.

विदित हो कि सूबे के जिन जिलों में चुनाव के लिए अधिसूचना 25 अक्टूबर को जारी की जाएगी, वहां नामांकन भरने की अंतिम तिथि एक नवंबर निर्धारित की गई है. दो नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच एवं चार नवंबर तक नाम वापस लिया जाएगा तथा मतदान 19 नवंबर को कराया जाएगा.

इधर, चुनाव की तारीखों तथा विवाह सीजन के एक साथ होने से सूबे के अधिकारियों को अपना पसीना बहाना पड़ सकता है.

गौरतलब है कि दूसरे चरण के तहत प्रदेश की 73 विधानसभा क्षेत्रों में 19 तारीख को मतदान होना है, वहीं पंडितों का कहना है कि 18 तथा 19 नवंबर को इस सीजन की श्रेष्ठ विवाह मुहूर्त की तारीखें हैं. पंडित अजय शर्मा के मुताबिक, 18 तथा 19 नवंबर श्रेष्ठ तिथियों में से हैं तथा इस दिन कई घरों में विवाह की तारीखें पहले ही तय की जा चुकी हैं.

प्रदेश के इन इलाकों में निर्वाचन कार्यो के लिए अधिकारियों के पास पहले से ही बसों की काफी कमी है, जिस वजह से अधिकारियों ने मतदान दलों को ट्रक से पहुंचाने की योजना बनाई है. चुनावी कार्यक्रम तथा विवाह तिथियों के साथ-साथ होने से अब लोगों को अपने घरों की विवाह तिथियों की चिंता सता रही है. जिन घरों में विवाह होने हैं वे बारात आदि के लिए बसों के न मिलने से चिंतित हैं.

नवंबर में सूबे में सैकड़ों की संख्या में विवाह होने हैं, जिसके लिए महीनों पूर्व से ही हलवाई, बैंड, वाहन, टेंट, फोटोग्राफर, वीडियो शूटिंग आदि की बुकिंग कराई गई है. ऐन विवाह मुहूर्त के दिन मतदान तिथि को देखते हुए अधिकारियों को मतदान के प्रतिशत में कमी आने की आशंका भी सता रही है. इसके उलट जिन लोगों के घरों में विवाह हैं उनको भवन तथा बसों की चिंता सता रही है.

निजी बस एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित विश्वकर्मा ने बताया, “जिस किसी व्यक्ति की बस की बुकिंग चुनाव कार्य की वजह से रद्द हो रही है उसे हम लिया गया एडवांस रकम पूरा वापस कर रहे हैं. बहुतेरे बस मालिकों ने चुनावी वर्ष होने की वजह से बुकिंग ही नहीं ली है.”

वहीं, कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्य सुनील माहेश्वरी का मानना है कि विवाह की वजह से मतदान पर असर पड़ने की संभावना है. उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान करने के बाद ही विवाह कार्य के लिए घरों से निकलें.

बहरहाल, एक ही तिथि में विवाह और मतदान होने से प्रत्याशियों के साथ-साथ प्रशासन भी चिंतित नजर आ रहा है.

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