गोली का जवाब गोली से दें- बिट्टा

Wednesday, May 29, 2013

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मनिन्दरजीत सिंह बिट्टा

रायपुर | छत्तीसगढ़ संवाददाता: मनिन्दरजीत सिंह बिट्टा नक्सलियों की गोली का जवाब गोली से देने के पक्ष में हैं.एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मनिन्दरजीत सिंह बिट्टा का मानना है कि नक्सली अब आतंकवादी बन गए हैं. उससे हर हाल में निपटना होगा. चाहे कितनी भी कुर्बानियां क्यों ना देनी पड़े. छत्तीसगढ़ में बेगुनाहों का खून कर मां-बहनों की मांग उजाडऩे वालों को किसी कीमत पर बख्शा न जाए. सेना तैनात कर गोली का जवाब गोली से दें. लाश पर नाच करने वालों के खिलाफ सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर जंग लड़ें, सफलता तय है.

एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बिट्टा ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नक्सलियों ने दरभा में जिस ढंग से बर्बरता दिखाई है, वह जलिया वाला बाग से कम नहीं है. वे नक्सलवाद को आतंकवाद मानते हैं. उन्होंने ऐसी नक्सल घटनाएं कभी नहीं सुनी थी. नक्सलियों ने वहां दिलेरी नहीं दिखाई, बल्कि पीठ पर छूरा घोंपने का काम किया. नक्सलियों का ऐसा हमला कतई मंजूर नहीं है. ऐसे समय में कांग्रेस, भाजपा समेत सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर काम करें. आदिवासियों का शोषण तथा मां-बहनों का सुहाग मिटने से रोकें.

पंजाब में आतंकवाद के सफाया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां के लोग उस समय सिर पर कफन बांध कर चलते रहे. उन्होंने पंजाब को खालिस्तान बनने नहीं दिया. पंजाब को पाकिस्तान में जाने नहीं दिया. वहां सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा जवान तैनात कर आंतकवाद का सफाया किया गया. इसी तरह यहां भी सेना व अन्य जवान तैनात कर ऑपरेशन चलाएं. आंतकवाद, नक्सलवाद किसी कीमत में मंजूर नहीं है. चाहे इसके लिए कितनी ही कुर्बानियां क्यों ना देनी पड़े.

श्री बिट्टा ने वोट को लेकर राजनीति और सुरक्षा के संबंध में कहा कि उन्हें आदिवासी वोट चाहिए, नक्सल वोट कतई नहीं. वोट को लेकर अब राजनीति नहीं चलने देंगे. सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हुआ है. 15 सौ नक्सल कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला कर चले गए और यहां की सरकारी सुरक्षा एजेंसी को भनक तक नहीं लगी. यह एजेंसी सबसे बड़ा फेलवर रहा है. घटना के बाद सरकारी सुरक्षा एजेंसी की नई-नई जानकारी आ रही है. यह जानकारी पहले क्यों नहीं आई.

उन्होंने सरकारी अफसरों पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि नक्सल घटना में जो भी जिम्मेदार हो उसे तुरंत नौकरी से बर्खास्त करें. उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करें. सैनिक कोर्ट में उनका केस चलाएं. उन्होंने भावुक होकर कहा कि कांग्रेस का इतिहास कुर्बानियों का रहा है. घटना के शिकार हुए लोगों के परिवारों का भी आखिरी तक ख्याल रखा जाए. क्योंकि नक्सलियों की नीयत अब उनके बाकी परिवारों पर होगी. वे उन्हें निशाना बनाएंगे. इसके लिए उन्हें जेड प्लस की सुरक्षा दें.

एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष श्री बिट्टा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आगामी दो साल तक चुनाव न कराएं. गोली का जवाब गोली से देने सेना तैनात करें और इसका कमान सीआरपीएफ के पूर्व डीजी व लिट्टे का सफाया करने वाले के. विजय कुमार, राज्य के पूर्व सुरक्षा सलाहकार केपीएस गिल को दें. दो साल तक सभी राजनीतिक पार्टियां एकजुट होकर नक्सलवाद के खिलाफ काम करें, सफलता मिलेगी. वे इस संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी चर्चा करेंगे.

उन्होंने कहा कि लाशों पर राजनीति बंद कर पंजाब की तरह यहां की सरकार नियम बनाकर काम करें. क्योंकि इस घटना के लिए काफी हद तक राज्य सरकार जिम्मेदार है. घटना की जांच बड़े अफसरों से कराएं. इस दौरान यह भी जांच करें कि नक्सली मारने को लेकर फोन पर किससे बात करते रहे. अगर इस तरह से काम नहीं किया गया तो मुंबई गोलीबारी कांड, राजीव हत्याकांड, इंदिरा हत्याकांड की तरह इस घटना की फाइल भी दबी रह जाएगी. वर्षों बाद भी आरोपियों को सजा नहीं मिल पाएगी.