मनीष तिवारी ने भाजपा से स्पष्टीकरण मांगा

Monday, November 18, 2013

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मनीष तिवारी

नई दिल्ली | एजेंसी: गुजरात में 2009 में एक युवती की जासूसी के मामला तूल पकड़ता चला जा रहा है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि भाजपा को इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देना चाहिए. तिवारी ने सोमवार को ट्विटर पर लिखा, “युवती को पिता के आग्रह पर सुरक्षा दी गई, क्या इसके लिए खतरे का आकलन किया गया था? उसे निजी सुरक्षाकर्मी क्यों नहीं दिए गए.”

तिवारी ने संवाददाताओं से कहा, “यह एक सभ्य व्यवहार कर उल्लंघन है. कोई राज्य इस तरह व्यवहार नहीं करता है.”

उन्होंने कहा कि भाजपा को इस मामले पर पूरी तरह स्पष्टीकरण देने की जरूरत है और वह बताए कि यह केवल एकमात्र घटना है.

दो वेबसाइटों की रिपोर्ट के अनुसार, 2009 में गुजरात के गृह राज्य मंत्री अमित शाह ने अपने ‘साहब’ के आदेश पर बेंगलुरू में एक युवती की जासूसी कराने के लिए गुजरात पुलिस की महत्वपूर्ण शाखा का दुरुपयोग किया था.

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने इसे कांग्रेस की घटिया चाल बताया. उनके अनुसार कांग्रेस नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से डरकर ऐसे मुद्दों को हवा दे रही है.

प्रसाद ने कहा, “लड़की ने शिकायत की? उसके पिता ने शिकायत की? उन्होंने इस सवाल पर महिला की निजता पर हमला किया है. उनका राजनीतिक भविष्य निराशाजनक है, यह उनके अवसाद को दर्शाता है.”

कांग्रेस द्वारा महिला की निजता पर हमला करने संबंधी भाजपा की टिप्पणी पर तिवारी ने कहा, “यह पूरे देश के लिए चिंता का विषय है.”

गौर तलब है कि इस मामले में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित संलिप्तता की न्यायिक जांच कराने और गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

माकपा पोलित ब्यूरो ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि जारी टेपों में अमित शाह और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की वार्ता गुजरात में नागरिक स्वतंत्रताओं पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है.

पुलिस अधिकारी तब गुजरात के आतंकवाद विरोधी दस्ते का अधीक्षक था.

बयान में कहा गया है कि एक युवती के निजी जीवन, उसके परिवार और उसके मित्रों की हर गतिविधि पर निगरानी रखने के लिए सरकारी ताकत का उपयोग मोदी के शासन में अवैध कार्यो और लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण को दर्शाता है.

माकपा ने यह भी कहा कि गुजरात सरकार को शाह और घटना में शामिल पुलिस अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए.

माकपा ने कहा कि यह अच्छी तरह पता है कि अमित शाह का केवल एक ‘साहब’ है और वह हैं मोदी.

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