मप्र व्यापमं घोटाला में एसआईटी गठित

Thursday, November 13, 2014

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व्यापमं फर्जीवाड़ा

जबलपुर | एजेंसी: मध्य प्रदेश में व्यापमं की परीक्षाओं में हुए घोटालों की जांच कर रहे एसटीएफ पर निगरानी रखने के लिए उच्च न्यायालय जबलपुर ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया है. पूर्व न्यायाधीश चंद्रेश भूषण की अध्यक्षता में बनी एसआईटी का सदस्य सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजय रमन व एनआईसी के पूर्व विभाग प्रमुख एलएम रेड्डी को सदस्य बनाया गया है. एसआईटी की उक्त तीन सदस्यीय टीम को राज्य सरकार सारी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी. मुख्य न्यायाधीश ए. एम खानविलकर व न्यायाधीश आलोक आराधे की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को तय की है.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह, पार्षद राजेश सोनकर, पीसी शर्मा सहित अन्य की ओर से व्यापमं मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग करते हुए याचिकाएं दायर की गई थी. न्यायालय ने पांच नवंबर को सीबीआई जांच की मांग को अस्वीकार करते हुए जांच एजेंसी एसटीएफ पर निगरानी रखने के लिए एसआईटी के गठन के आदेश पारित किए थे.

खंडपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि एसआईटी के अध्यक्ष उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे तथा सदस्य सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जो एडीजीपी रैंक से कम नहीं हो व सेवानिवृत्त सूचना प्रौद्योगिी विशेषज्ञ होंगे.

जांच एजेंसी एसटीएफ को एसआईटी के निर्देशानुसार काम करना होगा तथा रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी. मामले की पिछली सुनवाई पर शासन की ओर से सीलबंद लिफाफे में आईपीएस अधिकारियों की सूची न्यायालय के समक्ष पेश की गई थी. मामले में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने एसआईटी का गठन कर दिया.

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