गैर कांग्रेसी धर्मनिरपेक्ष दलों का गठबंधन जल्द

Saturday, January 11, 2014

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prakash karat general secretary of cpim

नई दिल्ली | एजेंसी: मार्क्सकवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने लोकसभा चुनाव से पहले वाम दलों के गठबंधन के ओर संकेत दिए हैं. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) बुर्जुआ दलों का विकल्प बन सकती है, लेकिन यह वामपंथी दलों का नहीं.

शनिवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए करात ने कहा है कि ढीले समन्वय के साथ व्यापक सहयोग की एक नीति के तहत गैर कांग्रेसी धर्मनिरपेक्ष दलों का एक गठबंधन लोकसभा चुनाव के पहले बनेगा.

करात ने कहा, “कांग्रेस और इसके सहयोगी, भाजपा और नरेंद्र मोदी का मुकाबला करने में अक्षम हैं. ऐसा केवल गैर कांग्रेसी धर्मनिरपेक्ष दलों के गठबंधन से ही हो सकता है. पिछले वर्ष 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में 14 राजनीतिक दल एक साथ एक मंच पर आए थे. तीन हफ्तों के भीतर एक बड़ा ढांचा तैयार हो जाएगा.”

उन्होंने उल्लेख किया कि 1989 में वी.पी.सिंह और 1996 में जब एच.डी. देवगौड़ा प्रधानमंत्री बने थे तो गठबंधन चुनाव के बाद बने थे.

करात ने कहा कि वह प्रयास कर रहे हैं कि तीन सप्ताहों के भीतर एक चुनावी गठबंधन तैयार हो जाए. हम ढीले समन्वय और व्यापक सहयोग की नीति पर काम कर रहे हैं. जिससे चुनाव के बाद हम भाजपा को बाहर रखने के लिए तत्काल एकजुट हो सकें. कांग्रेस अपने अस्तित्व के लिए लड़ रही है और वह सरकार बनाने की स्थिति में नहीं होगी.

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