खतरे में है कोरबा जिला अस्पताल

Saturday, March 8, 2014

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कोरबा जिला अस्पताल

कोरबा | अब्दुल असलम: कोरबा का जिला अस्पताल लगातार शॉर्ट सर्किट होने की संभावना से खतरे के साए में है. यहां भर्ती दर्जनों मरीजों के साथ विभिन्न योजनाओं से जुड़े दस्तावेज व फाइलें सुरक्षित नहीं है. ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योंकि जिला अस्पताल की विद्युत व्यवस्था बदहाल हो चुकी है. कभी भी शार्ट सर्किट से अस्पताल में आगजनी की घटना सामने आ सकती है.

विगत दो वर्ष पूर्व जिला अस्पताल परिसर में कई निर्माण कार्य संपादित हुए थे. वर्तमान में भी जिला अस्पताल परिसर के पास स्टॉफ क्वाटर का निर्माण कार्य चल रहा है. पहले ट्रामा सेंटर और सीएमएचओ कार्यालय निर्माण को लेकर जिला अस्पताल की बिजली व्यवस्था का उपयोग किया गया था जिससे अस्पताल में लो वोल्टेज की समस्या सामने आ रही थी. जिससे अस्पताल में विद्युत कनेक्शन कमजोर हो गए थे.

अब पुन: निर्माण कार्य शुरू हो जाने से कभी भी जिला अस्पताल में शार्ट सर्किट की स्थिति निर्मित हो सकती है. वैसे भी जिला अस्पताल में एक्स-रे सोनोग्राफी मशीन सहित अन्य कई मशीने उपयोग में लाई जाती है. जिनमें शार्ट सर्किट होने की संभावना काफी अधिक है.

ऐसे में अगर आग लगने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है तो भर्ती मरीजों के लिए तो खतरा है ही तमाम सरकारी दस्तावेज व रिकार्ड भी सुरक्षित नहीं रह पाएंगे. अस्पताल प्रबंधन को वक्त रहते इस व्यवस्था को दुरूस्त कर लेने की जरूरत है.

हो चुकी है घटना

गत मंगलवार को ब्लड बैंक के पास स्थित कमरे में शार्ट सर्किट से आग लगने की घटना प्रकाश में आई थी इस घटना में फ्रिज व अन्य सामान जल गए थे. इस प्रकार की घटना बदहाल विद्युत व्यवस्था के कारण ही उत्पन्न हुई थी.

गर्मी में बढ़ेगी समस्या

गर्मी के दिनों में वैसे भी बिजली की किल्लत शुरू हो जाती है. विद्युत का उपयोग बढऩे के साथ इससे होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है. वैसे भी गर्मी के समय एसी व कुलर सहित पंखों का उपयोग अधिक होता है. बार-बार बिजली आने जाने के फेर में भी शार्ट सर्किट की स्थिति निर्मित हो सकती है.

महंगी मशीने हो सकती है खराब

जिला अस्पताल में लाखों की लागत वाली एक्स-रे, सोनोग्राफी सहित अन्य महंगी मशीने लगी हुई है. बदहाल विद्युत व्यवस्था व शार्ट सर्किट से इन मशीनों के खराब होने का खतरा है. वैसे भी जिला अस्पताल की मशीने काम कम खराब ज्यादा रहती है. इस स्थिति में अगर विद्युत व्यवस्था नहीं सुधरी तो मशीने बिगड़ कर फिर बेकाम साबित होगी.

अस्पताल प्रबंधन को देना होगा ध्यान

जिला अस्पताल में विद्युत व्यवस्था सुधार को लेकर अस्पताल प्रबंधन को गंभीरता दिखानी होगी. अस्पताल के खस्ता हाल विद्युत व्यवस्था को सुधारने नए सिरे से अस्पताल में वायरिंग व अन्य काम कराएं जाने की जरूरत है. इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को शासकीय स्तर पर पत्राचार करना चाहिए. जीवन दीप समिति की बैठक में भी इस समस्या का हल ढूंढने का प्रयास होना चाहिए.

कहीं हो न जाएं अनहोनी

जिला अस्पाल में विभिन्न योजनाओं व शासकीय कार्यक्रमों से जुड़े दस्तावेज व रिकार्ड रखें हुए है. साथ ही जिला अस्पताल में दर्जनों मरीज रोजाना भर्ती होते है. अस्पताल में आग बुझाने के प्राथमिक इंतजाम भी फिसड्डी है ऐसे में अगर अनहोनी हो जाएं तो इसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा?

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