भ्रष्टाचारमुक्त दिल्ली का वादा

Saturday, February 14, 2015

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अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों से भ्रष्ट्राचार मुक्त दिल्ली का वादा किया है. इसी के साथ उन्होंने अपने कार्यकर्ताओँ से अपील की कि अहंकारी न बने. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के विकास के लिये भाजपा तथा कांग्रेस से सहयोग लेने की बात भी कही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी को देश का पहला भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने वादा किया और आम आदमी पार्टी के अपने सहयोगियों से अहंकार न करने की अपील की. रामलीला मैदान में शपथ-ग्रहण के बाद, वहां उपस्थित हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने पर भी जोर दिया और कहा कि इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है.

अपने संबोधन में एक सकारात्मक संदेश देते हुए 46 वर्षीय केजरीवाल ने कहा कि वह दिल्ली के विकास के लिए विपक्षी भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के नेताओं से भी सलाह-मशविरा करेंगे.

हजारों की भीड़ से खचाखच भरे रामलीला मैदान में केजरीवाल को पद एवं गोपनीयता की शपथ उपराज्यपाल नजीब जंग ने दिलाई. उनके बाद छह अन्य मंत्रियों-मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन, गोपाल राय, आसिम मोहम्मद खान, संदीप कुमार और जितेंद्र सिंह तोमर को भी उपराज्यपाल ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.

केजरीवाल ने अपने कार्यकाल के पांच वर्षो के दौरान दिल्ली को भ्रष्टाचारमुक्त बनाने का वादा किया और कहा, “भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के साथ आंदोलन के दौरान जब हम सभी ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत’ का नारा लगाते थे तो मन के कोने में कहीं न कहीं संशय उठता था कि क्या वास्तव में ऐसा हो पाएगा. लेकिन अब पिछली 49 दिनों की सरकार के अनुभवों के बाद हम आश्वस्त हैं कि दिल्ली से भ्रष्टाचार खत्म कर देंगे.”

दिल्ली विधानसभा चुनाव में 70 में से 67 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी के नेता केजरीवाल ने अपने मंत्रियों, विधायकों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बार-बार अहंकार नहीं करने की अपील की. उन्होंने कहा, “जब इतनी बड़ी जीत मिलती है तो इंसान के मन में अहंकार जागता है. लेकिन जब ऐसा होता है तो सब खत्म हो जाता है. इसलिए हम सब लोगों को, मुझे, मंत्रियों को, सहयोगियों को चौकस रहना पड़ेगा. हमें समय-समय पर अपने भीतर झांकना होगा कि कहीं हमारे अंदर अहंकार तो नहीं जाग रहा. यदि ऐसा हुआ तो हम अपना मिशन पूरा नहीं कर पाएंगे.”

उन्होंने कहा, “दिल्ली चुनाव के बाद हमारे कुछ लोग कह रहे हैं कि हम यहां का चुनाव लड़ेंगे, वहां का चुनाव लड़ेंगे; मुझे इसमें अहंकार नजर आ रहा है. यह ठीक नहीं है.”

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, “ईश्वर ने हमें आदेश दिया है, दिल्ली के लोगों ने हमें आदेश दिया है कि हम उनकी सेवा करें..आने वाले पांच वर्षो में मैं दिल्ली में रहकर अपनी जिम्मेदारी को पूरे तनमन धन से निभाने की कोशिश करूंगा.”

केजरीवाल ने कहा कि हालांकि दिल्ली पुलिस दिल्ली सरकार के अधीन नहीं आती, लेकिन उन्हें यकीन है कि पुलिस के सहयोग से वह दिल्ली को एक सुरक्षित शहर बना सकेंगे, जहां सभी धर्मो एवं समुदायों के लोग खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे.

उन्होंने केंद्र सरकार के साथ रचनात्मक साझेदारी की इच्छा जताते हुए दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले. उन्होंने यकीन जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के बारे में सोचेंगे.

उन्होंने दिल्ली से ‘वीआईपी संस्कृति’ समाप्त करने की बात भी कही. बकौल केजरीवाल, “हम वीआईपी संस्कृति समाप्त करना चाहते हैं. क्या आपको वह स्थिति पसंद आती है जब कोई मंत्री सड़क से गुजरते हैं तो मार्ग बंद कर दिया जाता है और सड़क पर जाम लग जाता है.”

उन्होंने कहा, “यूरोप के देशों में प्रधानमंत्री बस स्टॉप पर खड़े नजर आ जाते हैं. हमें उसी तरह की संस्कृति की आवश्यकता है. इसमें समय लगेगा. लेकिन हम इसे करेंगे.”

केजरीवाल ने दिल्ली के विकास के लिए भारतीय जनता पार्टी की नेता किरण बेदी और कांग्रेस नेता अजय माकन से सलाह-मशविरा लेने की बात भी कही. उन्होंने कहा, “मेरे दिल में किरण बेदी के लिए बहुत इज्जत है. वह मेरी बड़ी बहन की तरह हैं. उन्हें लंबा प्रशासनिक अनुभव है..हम उनसे सहयोग लेंगे. हम समय-समय पर उनसे मशविरा करेंगे.”

केजरीवाल ने कहा कि वह समय-समय पर अजय माकन से भी विचार-विमर्श करेंगे, जिनके पास केंद्रीय मंत्री के रूप में योजनाएं तैयार करने व उन्हें लागू करने का अनुभव है.

केजरीवाल के इस बयान पर माकन ने प्रतिक्रियास्वरूप ट्विटर पर लिखा, “केजरीवाल ने एक सकारात्मक बात के साथ अच्छी शुरुआत की है. उन्हें शुभकामनाएं देता हूं. दिल्ली के लिए उनको मेरा पूरा सहयोग है.”

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