‘आप’ के मंत्री घोषित: विवाद शुरु

Wednesday, December 25, 2013

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अरविंद केजरीवाल-सीएम

नई दिल्ली |समाचार डेस्क: आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में गठित होने वाली अपनी सरकार के भावी मंत्रियों के नाम घोषित कर दिए हैं. इसी के साथ ही विनोद कुमार बिन्नी ने मंत्री पद न दिये जाने पर असंतोष वयक्त किया है. ऐसा माना जा रहा है कि विनोद कुमार बिन्नी बुधवार को प्रस वार्ता करेंगे. आप नेता अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में बनने वाली सरकार में ये मंत्री होंगे :

मनीष सिसोदिया : पेशे से पत्रकार रह चुके सिसोदिया जन लोकपाल के लिए हुए आंदोलन के दौरान चर्चा में आए. पटपड़गंज सीट पर उन्होंने भाजपा के नकुल भारद्वाज को 11,478 मतों से पराजित किया. उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के राजपूत घराने में जन्मे सिसोदिया पत्रकारिता में डिप्लोमा हैं.

सौरभ भारद्वाज :
पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर भारद्वाज ने इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय से बीटेक की पढ़ाई करने के अलावा उस्मानिया विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की है. भारद्वाज का जन्म और पालन-पोषण दिल्ली में ही हुआ है. उन्होंने ग्रेटर कैलाश सीट पर भाजपा के कद्दावर नेता विजय कुमार मल्होत्रा के बेटे अजय कुमार मल्होत्रा को 1309 मतों से पराजित किया.

सोमनाथ भारती : आईआईटी-दिल्ली से एमएससी करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई कर रहे भारती आईआईटी-दिल्ली के पूर्व छात्रों के संगठन के अध्यक्ष भी हैं. बिहार में जन्मे भारती 1992 में दिल्ली आए. मालवीय नगर सीट पर उन्होंने भाजपा की आरती मेहरा और कांग्रेस की किरण वालिया को शिकस्त दी.

राखी बिड़ला :
मंत्रिमंडल की संभवत: सबसे युवा चेहरा राखी दक्षिणी दिल्ली के सरोजनी नगर स्थित राष्ट्रीय प्रसारण अकादमी से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर हैं. उन्होंने मंगोलपुरी में शीला सरकार के एक मंत्री राजकुमार चौहान को 10,585 मतों से पराजित किया.

सत्येंद्र जैन : पेशे से वास्तुकार जैन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के साथ जुड़े रहे हैं. जैन ने शकूर बस्ती सीट पर भाजपा के प्रत्याशी श्याम लाल गर्ग को 7,062 मतों से पराजित किया.

गिरीश सोनी : मंडीपुर सीट पर भाजपा के कैलाश संकला को 1,103 मतों से पराजित करने वाले सोनी व्यावसायी हैं. मंडीपुर में चमड़े का व्यापार करने वाले सोनी मंडीपुर सीनियर सेकैंड्री स्कूल से 12वीं तक पढ़े हैं.

अपने मंत्रियों के नाम घोषित करने के साथ ही आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के भावी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास लेने से इनकार कर दिया. इसके अलावा केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा सुरक्षा दिए जाने की पेशकश भी ठुकरा दी. एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी. इससे पहले सोमवार को दिल्ली पुलिस ने भी केजरीवाल को सुरक्षा देने की पेशकश की थी, लेकिन केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस से भी सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया था.

सूत्रों ने बताया कि सरकारी अधिकारियों ने केजरीवाल को मुख्यमंत्री आवास की पेशकश की, लेकिन केजरीवाल ने इनकार कर दिया और कहा कि वह गाजियाबाद के कौशांबी में अपने फ्लैट में खुश हैं.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मेद्र यादव ने केजरीवाल के निवास स्थल गाजियाबाद से बताया, “हमने केजरीवाल को सुरक्षा देने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया.”

पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि दिल्ली पुलिस से एक चिट्ठी मिलने के बाद उप्र पुलिस ने सुरक्षा के लिए केजरीवाल से संपर्क किया.

दिल्ली के विशेष पुलिस आयुक्त जे.के. शर्मा ने बताया, “केजरीवाल चूंकि गाजियाबाद के कौशांबी में रहते हैं, इसलिए हम उन्हें वहां सुरक्षा मुहैया नहीं करा सकते. हमने गाजियाबाद पुलिस को चिट्ठी लिखकर केजरीवाल को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए कहा.”

शर्मा ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल से सोमवार को सुरक्षा प्रदान करने के लिए संपर्क किया, लेकिन उन्होंने तब भी सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया था.

शर्मा ने आगे बताया, “हमें अभी भी उम्मीद है कि वह सुरक्षा ले लेंगे. लेकिन उनके हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर गाजियाबाद में रहने के कारण हमारे सामने उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. वह जब दिल्ली में रहने लगेंगे तो हम उनसे दोबारा सुरक्षा स्वीकार करने के लिए संपर्क करेंगे” वैसे देशभर में केजरीवाल द्वारा सुरक्षा तथा सरकारी बंगला न लिये जाने की घोषणा से ‘आप’ का महत्व राजनीतिक रूप से बढ़ गया है. ‘आप’ ने दूसरे राजनीतिक दलों के विपरीत यह सराहनीय कार्य किया है.लोगों की नजर में ‘आप’ ही वास्तव में पार्टी विद डिफरेंस वाली पार्टी है.

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