मुजफ्फरनगर न बन जाये मुरादाबाद

Saturday, July 26, 2014

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मुरादाबाद | समाचार डेस्क: कांठ का विवाद यूपी के मुरादाबाद को मुजफ्फरनगर बना देगा. कांठ के मंदिर में लाऊडस्पीकर लगाने का विवाद ठंडा ही नहीं हो रहा है. शनिवार को मुरादाबाद के कांठ विवाद में एसएसपी के खिलाफ मामला दर्ज कराने को लेकर जिलाधिकारी के आवास पर चल रहा भाजपा का धरना समाप्त हो गया है. इस बीच विरोधी दलों ने भाजपा पर कांठ में माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है.

सूत्रों ने बताया कि इलाके में धारा 144 लगा दी गई है. भाजपा विधायक संगीत सोम को नजरबंद कर दिया गया है. मुजफ्फरनगर के विधायक सुरेश राणा, नूरपुर के विधायक लोकेश कुमार सिंह ने कांठ थाने में एसएसपी के खिलाफ तहरीर दी है. इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के नेतृत्व में चल रहा धरना खत्म हो गया. वाजपेयी ने भी जिलाधिकारी को तहरीर दी है.

इसके पहले वाजपेयी ने कहा कि यदि हिम्मत है तो प्रशासन उन्हें रोककर दिखाए. उन्होंने कहा कि वह कोई राजनीतिक प्रदर्शन नहीं करने जा रहे, लोकतांत्रिक तरीके से कांठ मामले का विरोध करना चाहते हैं, धारा-144 में प्राथमिकी दर्ज कराना प्रतिबंधित नहीं है.

वाजपेयी ने कहा, “निर्धारित कैटेगरी के तहत तीन-चार लोगों के साथ कांठ जाकर एसएसपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना उनकी रणनीति है. तनाव बढ़ाने का उनका कोई इरादा नहीं है.”

इस बीच बुंलदशहर के सांसद भोला सिंह भी यहां पहुंच चुके थे. भाजपा किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल तोमर और नेता विजेंद्र अग्रवाल को मऊखास पुलिस चौकी पर रोक दिया गया.

पुलिस ने मामले में मेरठ, मुरादाबाद, संभल, रामपुर नगीना के सांसदों को हिरासत में ले लिया है. वहीं, कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी को भी नजरबंद करके रखा गया है.

कांग्रेस ने भाजपा पर इलाके में माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है. कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि कांठ में भाजपा तनाव भड़काना चाहती है. कांग्रेस सद्भावना यात्रा निकाल रही है. भाजपा का तो दंगों का इतिहास रहा है.

समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि केंद्र में सत्ता हासिल करने के बाद भाजपा में घमंड आ गया है. वह उप्र में सद्भाव के माहौल में खलल डालना चाहती है. पार्टी को नकारात्मक काम में अपना दिमाग कम लगाना चाहिए. उप्र में कानून अपना काम करेगा.

उधर, कांग्रेस महासचिव मधुसूदन मिस्त्री, प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री, और नगमा समेत कई अन्य नेता अपने समर्थकों के साथ मुरादाबाद जाना चाह रहे थे. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी को भी मुरादाबाद पहुंचने से रोकने के लिए नजरबंद करके रखा गया है.

सूबे के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने मुरादाबाद में हालात से निपटने के लिए आपात बैठक बुलाई है. इसमें डीजीपी और एडीजी सहित कई आला अधिकारियों के साथ कांठ मुद्दे पर चर्चा की जा रही है. कई अधिकारियों को मौके पर जाने के निर्देश भी दिए गए हैं.

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