लौह अयस्क घोटाले में 9 फंसे

Tuesday, June 24, 2014

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Central Bureau of Investigation

नई दिल्ली| समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ के 9 उद्योग समूहों पर सीबीआई की नजर है. सूत्रों से जानकारी मिली है कि छत्तीगढ़ के लौह अयस्क के व्यापारियों ने घरेलू उपयोग के लिये आरक्षित लौह अयस्कों को कोलकाता बंदरगाह से विदेशों को निर्यात कर दिया है. मामला 2008 से 2011 के बीच का है. बताया जा रहा है कि सीबीआई की जांच अभी प्राथमिक चरण में है.

7.26 लाख मीट्रिक टन के इन लौह अयस्कों का मूल्य 72 करोड़ रुपया है जिसको विदेशों को निर्यात करके टैक्स की चोरी की गई है. सीबीआई को आशंका है कि इसमें कोलकाता के कस्टम अधिकारियों की भी मिली-भगत है.हालांकि, सीबीआई सूत्रों ने इन उद्योग समूहों का नाम बताने से इंकार कर दिया है क्योंकि इससे जांच के प्रभावित होने का खतरा है. सूत्रों से मिली सूचना के अनुसार सीबीआई ने कुल 11 प्राथमिकी दर्ज की है.

गौरतलब है कि घरेलू उपयोग के लौह अयस्कों को कई प्रकार से टैक्स में छूट मिली हुई है. इस कारण से इनका दाम कम है जबकि विदेशों को निर्यात की जाने वाली लौह अयस्क का दाम टैक्स में छूट न होने के कारण ज्यादा है. इस तरह से घरेलू उपयोग के नाम पर लौह अयस्कों को यदि विदेशों को बेच दिया जाता है तो उससे उद्योग समूह को अतिरिक्त मुनाफा होता है. गौर करने वाली बात यह है कि इस प्रकार से घरेलू उपयोग के नाम पर लौह अयस्कों को विदेशों को बेच देना तस्करी की श्रेणी में आता है जिससे सरकार को टैक्स नहीं मिल पाता है.

सीबीआई सूत्रों का कहना है कि यह सभी उद्योग घराने छत्तीसगढ़ के ही हैं परन्तु अभी उनके नाम नहीं बताये जा सकते हैं. इसी के साथ ही कयासों का बाजार गर्म है कि कौन-कौन इन 9 उद्योग समूहों में शामिल हो सकते है. सबसे हैरत की बात यह है कि लौह अयस्क कोई हीरा या चरस नहीं है जिसे छिपाकर विदेशों को निर्यात किया गया होगा. निश्चित तौर पर इसमें और कई विभागों के लोग भी शामिल हैं जो सीबीआई के जांच से पता चल जायेगा.

संपूर्ण प्रक्रिया को इस प्रकार से समझा जा सकता है कि लौह अयस्क को खदानों से निकालने के लिये पहले सरकारी अनुमति आवश्यक होती है. उसके बाद लौह अयस्क का खनन किया जाता है. इसके बाद उन्हें बड़े वाहनों जैसे ट्रकों या रेल गाड़ी के माध्यम से कोलकाता भेजा गया होगा. अब इसमें सवाल यह है कि फिर घरेलू बाजार में क्या खपाया गया होगा. बहरहाल, मामले की जांच सीबीआई कर रही है जिससे कई बड़े उद्योग घरानों के फंसने के आसार हैं.

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