विमानन उद्योग में फिर बढ़ा रुझान

Sunday, October 6, 2013

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विमान सेवा

नई दिल्ली | एजेंसी: एतिहाद, एयरएशिया और सिंगापुर एयरलाइंस जैसी अंतर्राष्ट्रीय विमानन कंपनियों की भारतीय यात्री विमानन क्षेत्र में बढ़ती रुचि से स्पष्ट है कि इस क्षेत्र में उम्मीदें लौट रही हैं. यह बात नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने कही.

सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा, “एतिहाद, एयरएशिया और सिंगापुर एयरलाइंस विमानन कारोबार में सबसे बड़ी और सर्वाधिक पेशेवर कंपनियां हैं. यदि वे भारत में रुचि ले रही हैं, तो इसका मतलब है कि भारतीय विमानन उद्योग में विश्वास का माहौल बन रहा है.”

उन्होंने कहा, “लंबी अवधि में इस क्षेत्र में विकास की काफी बड़ी संभावना है. साथ ही इससे भारत के अंतर्राष्ट्रीय यात्रा केंद्र बनने की संभावना खुलेगी.”

उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह गुरुवार को मंत्रिमंडल द्वारा जेट-एतिहाद सौदे को मंजूरी देना एक सकारात्मक कदम था. इससे ईंधन की महंगाई और उच्च ब्याज दर से जूझ रहे उद्योग को मदद मिलेगी.

उल्लेखनीय है कि हाल ही में सिंगापुर एयरलाइंस ने कहा है कि वह टाटा समूह के साथ भारत में पूर्ण सेवा यात्री विमानन कंपनी शुरू करेगी. इस बारे में सिंह ने कहा, “इस उद्योग को और अधिक कंपनियों की जरूरत है, खासकर ऐसी कंपनियों की जिनके पास अकूत धन हो, क्योंकि यह पूंजी साध्य क्षेत्र है.”

उन्होंने कहा कि सिंगापुर एयरलाइंस जैसी अनुभवी अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों का भारत में प्रवेश करना भी एक शुभ संकेत है. जल्द ही भारतीय आकाश में मलेशिया की किफायती विमानन कंपनी एयरएशिया भी संचालन शुरू करने जा रही है.

महंगे ईंधन के बारे में सिंह ने कहा, “केंद्र इसे अधिसूचित श्रेणी में लाने की कोशिश कर रहा है.” उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों से भी ईंधन पर कर में कटौती करने के लिए कहा गया है. उल्लेखनीय है कि भारत में एक विमानन कंपनी को अपने कुल संचाल खर्च का करीब आधा हिस्सा ईंधन पर ही खर्च करना पड़ता है.