महानदी विवाद: छत्तीसगढ़ की पहल

Saturday, July 30, 2016

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महानदी

रायपुर | संवाददाता: ओडिशा के साथ महानदी विवाद सुझाने छत्तीसगढ़ ने पहल की है. गौरतलब है कि महानदी को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार तथा ओडिशा सरकार में तनातनी हो गई है. इससे पहले महानदी को लेकर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के बयान को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया था जबकि छत्तीसगढ़ का कहना है कि ओडिशा इसे लेकर ‘अनावश्यक रूप से राजनीतिकरण’ कर रहा है. ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने महानदी नदी के पानी के बंटवारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप की मांग की थी और इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ के अपने समकक्ष रमन सिंह के बयान को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया था.

इसी सिससिले में महानदी विवाद के समाधान के लिये छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी ओर से पहल की है. छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विवेक ढांड ने शुक्रवार नई दिल्ली में आयोजित केन्द्रीय जल आयोग की बैठक में संयुक्त नियंत्रण बोर्ड के गठन के लिए राज्य सरकार की ओर से सहमति प्रदान कर दी. ओड़िशा के मुख्य सचिव ए. पी. पाधी ने बैठक में कहा कि वे अपने राज्य के मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद इस पर अपनी राय जाहिर करेंगे.

बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय जलसंसाधन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. अमरजीत सिंह ने की. बैठक में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्रालय और दोनों राज्यों के अधिकारीगण उपस्थित थे.

बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि दोनों राज्य अपने अधिकार क्षेत्र में महानदी पर निर्मित सभी परियोजनाओं सहित अन्य जानकारियां एक दूसरे से साझा करेंगे. छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकांश जानकारी हम आज ही उपलब्ध करा रहे है और शेष जानकारी 15 दिन में उपलब्ध करा दी जाएगी. विवेक ढांड ने ओड़िशा के अधिकारियों से भी महानदी पर उनके राज्य में संचालित परियोजनाओं और पानी के उपयोग के संबंध में जानकारी प्रदान करने का आग्रह किया.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के कुल भौगोलिक क्षेत्र के लगभग 55 प्रतिशत हिस्से का पानी महानदी में जाता है. यह नदी और इसकी सहायक नदियों के कुल ड्रेनेज एरिया का 53.90 प्रतिशत छत्तीसगढ़ में, 45.73 प्रतिशत ओड़िशा में और 0.35 प्रतिशत अन्य राज्यों में है.

हीराकुंड बांध तक महानदी का जलग्रहण क्षेत्र 82 हजार 432 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें से 71 हजार 424 वर्ग किलोमीटर छत्तीसगढ़ में है, जो कि इसके सम्पूर्ण जल ग्रहण क्षेत्र का 86 प्रतिशत है. हीराकुंड बांध में महानदी का औसत बहाव 40 हजार 773 एम.सी.एम. है. इसमें से 35 हजार 308 एम.सी.एम. का योगदान छत्तीसगढ़ देता है, जबकि छत्तीसगढ़ द्वारा वर्तमान में मात्र लगभग 9000 एम.सी.एम. पानी का उपयोग किया जा रहा है, जो कि महानदी के हीराकुंड तक उपलब्ध पानी का सिर्फ 25 प्रतिशत है.

मुख्य सचिव श्री ढांड ने बैठक में अविभाजित मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह और ओड़िशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री जे.बी. पटनायक के बीच 28 अप्रैल 1983 को हुए समझौते की ओर ध्यान दिलाया है. उन्होंने बताया कि इस समझौते के अनुसार दोनों राज्यों से जुड़े ऐसे मुद्दों के समाधान के लिए सर्वे, अनुसंधान और क्रियान्वयन के उद्देश्य से एक संयुक्त नियंत्रण मंडल के गठन का प्रस्ताव था, लेकिन इस बोर्ड का गठन अब तक नहीं हुआ है. अगर ऐसे किसी बोर्ड का गठन होता है तो छत्तीसगढ़ उसका समर्थन करेगा.

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